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स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई, बाल संरक्षण आयोग ने जारी किया निर्देश

Tue, 13 Aug 2019 03:28 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Tue, 13 Aug 2019 03:28 AM IST
सार

  • सभी स्कूलों को 15 दिन के भीतर निर्देश को लागू करना होगा
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी करने को कहा है
  • निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदकर पढ़ने पर विवश किया जा रहा है

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Study in schools only from NCERT books
NCERT - फोटो : a

विस्तार

सीबीएसई की तरह ही काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (आईएससीई बोर्ड) के स्कूलों में भी एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई करानी होंगी। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने इसे लेकर निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है देश भर के सभी स्कूलों में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर एक समान पाठ्यक्रम होना चाहिए। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किताबों और पाठ्यक्रम के नाम पर किसी बच्चे के साथ भेदभाव न हो। सभी स्कूलों को 15 दिन के भीतर निर्देश को लागू करना होगा।
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आयोग ने कहा कि इन निर्देशों की अवमानना पर संबंधित विभाग के पास आरटीई कानूनों के तहत स्कूलों की मान्यता खत्म करने समेत कई सख्त कदम उठाने का अधिकार है। आयोग ने कहा कि उसके संज्ञान में आया था कि स्कूलों में बच्चों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदकर पढ़ने पर विवश किया जा रहा है। 
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जांच के बाद पाया गया कि राज्य शैक्षिक बोर्ड और सीबीएसई के स्कूल नियमों का पालन कर रहे हैं, लेकिन आईएससीई के स्कूल नहीं। लिहाजा आयोग ने तुरंत प्रभाव से स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई कराने को कहा है। इतना ही नहीं, निर्देशों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी करने को कहा है। 
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‘यह अनियमितता लंबे समय से चल रही थी। इसे तुरंत ठीक किया जाना जरूरी था। बच्चों के साथ शैक्षणिक स्तर पर भेदभाव खत्म करने के लिए समान शिक्षा का अधिकार कानून का पालन होना आवश्यक है।’प्रियांक कानूनगो, चेयरमैन, बाल संरक्षण आयोग 
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