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सॉफ्ट ड्रिंक्स में मिले जहरीली धातुओं के अंश, सरकारी अध्ययन में खुलासा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 23 Nov 2016 02:50 PM IST
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सॉफ्ट ड्रिंक्स
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सरकार के एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि कुछ सॉफ्ट ड्रिंक्स और फार्मा प्रोडक्ट वाली पीईटी बोतलों के सैंपल में भारी धातु मिले हैं जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलास्ते ने राज्यसभा में बताया कि मंत्रालय के ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड के अध्ययन में यह बात सामने आई है। जिन पीईटी बोतलों के सैंपल टेस्ट किए गए थे उनमें स्प्राइट, माउंटेन ड्यू, सेवन अप, पेप्सी और कोकाकोला शामिल हैं।
सदन में एक सवाल के लिखित जवाब में कुलास्ते ने कहा, 'ये सैंपल नेशनल टेस्ट हाउस (कोलकाता ) में जांच के लिए जमा किए गए थे।' कुलास्ते ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोलकाता के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हायजीन एंड पब्लिक हेल्थ ने इस स्टडी को किया था। यह संस्थान नेशनल टेस्ट हाउस के लिए अध्ययन करता है।
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टेस्ट में पाया गया है कि कमरे के तापमान पर लीचिंग (निक्षालन) बढ़ जाता है। उदाहरण के तौर पर सामान्य तापमान पर सेवन अप और स्प्राइट में लीड की मात्रा क्रमशः 0.004 mgL और 0.007 mgL था। हालांकि जब इसे करीब 40 डिग्री सेल्सियस पर 10 दिनों के लिए रखा गया तो लीड की मात्रा क्रमशः 0.006 mgL और 0.009 mgL हो गई।
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स्वास्थ्य राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलास्ते ने राज्यसभा में बताया कि मंत्रालय के ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड के अध्ययन में यह बात सामने आई है। जिन पीईटी बोतलों के सैंपल टेस्ट किए गए थे उनमें स्प्राइट, माउंटेन ड्यू, सेवन अप, पेप्सी और कोकाकोला शामिल हैं।
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सदन में एक सवाल के लिखित जवाब में कुलास्ते ने कहा, 'ये सैंपल नेशनल टेस्ट हाउस (कोलकाता ) में जांच के लिए जमा किए गए थे।' कुलास्ते ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोलकाता के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हायजीन एंड पब्लिक हेल्थ ने इस स्टडी को किया था। यह संस्थान नेशनल टेस्ट हाउस के लिए अध्ययन करता है।
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टेस्ट में पाया गया है कि कमरे के तापमान पर लीचिंग (निक्षालन) बढ़ जाता है। उदाहरण के तौर पर सामान्य तापमान पर सेवन अप और स्प्राइट में लीड की मात्रा क्रमशः 0.004 mgL और 0.007 mgL था। हालांकि जब इसे करीब 40 डिग्री सेल्सियस पर 10 दिनों के लिए रखा गया तो लीड की मात्रा क्रमशः 0.006 mgL और 0.009 mgL हो गई।