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Study: जैव विविधता में गिरावट की मुख्य वजह जलवायु परिवर्तन, 11% तक की आ सकती है कमी; शोधकर्ताओं ने जताई आशंका
Sun, 28 Apr 2024 05:11 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 28 Apr 2024 05:11 AM IST
सार
Study: अध्ययन में कहा गया है कि भूमि उपयोग में परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव से सभी वैश्विक क्षेत्रों में जैव विविधता का नुकसान होता है। भले ही जैव विविधता के लिए भूमि उपयोग में परिवर्तन ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण कारक रहा हो, लेकिन अब जलवायु परिवर्तन इसे पीछे छोड़ अहम कारक बन सकता है।
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जलवायु परिवर्तन के प्रभाव (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
सदी के मध्य तक जैव विविधता में कमी आने की सबसे बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन हो सकता है। एक नए शोध में इसका खुलासा हुआ है। भूमि के इस्तेमाल के तरीकों में बदलाव आना और उसके जैव विविधता पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करने पर शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने पाया कि पूरी दुनिया में जैव विविधता में दो से 11 फीसदी की गिरावट आ सकती है।
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जर्मन सेंटर फॉर इंटीग्रेटिव बायोडायवर्सिटी रिसर्च (आईडीआईवी) के अनुसंधान समूह प्रमुख और साइंस पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के मुख्य लेखक हेनरिक परेरा ने कहा कि भूमि उपयोग में परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव से सभी वैश्विक क्षेत्रों में जैव विविधता का नुकसान होता है। भले ही जैव विविधता के लिए भूमि उपयोग में परिवर्तन ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण कारक रहा हो, लेकिन अब जलवायु परिवर्तन इसे पीछे छोड़ अहम कारक बन सकता है।
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नीतियों का टकराव खत्म कर एकीकृत दृष्टिकोण की जरूरत
परेरा के मुताबिक, अपने प्रारूप में सभी विश्व क्षेत्रों को शामिल करके हमने कई ऐसे स्थानों को भी शामिल किया जो पूर्व में इस दायरे से बाहर थे। इसके साथ ही खंडित व संभावित पक्षपाती आंकड़ों के साथ काम करने वाले अन्य दृष्टिकोणों की आलोचना को दुरुस्त किया। शोधकर्ताओं ने आने वाले दशकों में नीतियों के बीच टकराव को कम करने और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए विभिन्न स्थिरता पहलुओं पर विचार करते हुए वास्तव में एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
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अध्ययन के सह-लेखकों में से एक ऑस्ट्रिया के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एप्लाइड सिस्टम एनालिसिस (आईआईएएसए) जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधन कार्यक्रम निदेशक पेट्र हैवलिक ने कहा, उदाहरण के लिए जैव ऊर्जा परिनियोजन अब भी अधिकतर जलवायु स्थिरीकरण परिदृश्यों का एक महत्वपूर्ण तत्व है। यह प्रजातियों के आवासों के लिए भी खतरा पैदा करता है।
तत्काल कदम उठाए जाएं
शोधकर्ताओं के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए तत्काल उचित कदम उठाए जाने की जरूरत है। साथ ही वर्तमान में किए जा रहे प्रयासों में तेजी लानी होगी।