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बंगाल में पहाड़ों पर रहने वाले ढाई हजार छात्र मैदानी इलाकों में पढ़ सकेंगे

Mon, 21 Aug 2017 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोलकाता
ब्यूरो/अमर उजाला, कोलकाता Updated Mon, 21 Aug 2017 10:37 PM IST
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Students living on hills in Bengal will be allowed to read in the Plain areas
ममता बनर्जी

दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में स्थित विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग ढाई हजार छात्रों को दक्षिण बंगाल स्थित आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने की अनुमति दी जा सकती है। इसकी जानकारी सोमवार को द एसोसिएशन ऑफ आईसीएससी स्कूल के सचिव नवारुण दे ने दी।

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उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का पाठ्यक्रम खत्म करने और 9वीं कक्षा के छात्रों को बोर्ड के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए ऐसा करना जरूरी है। नौवीं के छात्रों को 10 सितंबर तक पंजीकरण कराना होगा। पर्वतीय इलाकों में जारी बेमियादी बंद की वजह से तमाम स्कूल बंद हैं। 
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दे ने कहा कि एसोसिएशन ने उत्तर बंगाल क्षेत्र के सचिव को पत्र लिख कर पर्वतीय क्षेत्र के 30 स्कूलों के 9वीं कक्षा के छात्रों को मैदानी इलाकों में पढ़ने की अनुमति दी जा सकती है। एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि छात्र स्कूलों का चयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को उनके पसंदीदा स्कूल में पढ़ने का विकल्प दिया जाएगा। उनको हॉस्टल का विकल्प भी उपलब्ध होगा। वे चाहें तो अपने घर पर भी रह सकते हैं।


उत्तर बंगाल के एसोसिएशन सचिव ने कहा कि ऐसे छात्रों को दाखिले की औपचारिकताओं से नहीं गुजरना होगा। सचिव की ओर से पत्र का जवाब मिलने और केंद्रीय बोर्ड की हरी झंडी मिलते ही ऐसे छात्रों को कक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दे दी जाएगी।

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आपको बता दें कि गोरखालैंड की मांग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की अपील पर पर्वतीय क्षेत्र में बीते 68 दिनों से बेमियादी बंद चल रहा है। मोर्चा ने इलाके के स्कूलों में पढ़ने वाले तमाम छात्रों को घर लौटने के लिए 23 जून को 12 घंटे की ढील दी थी, लेकिन उसके बाद से स्कूल पूरी तरह ठप हैं।

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