फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Strength of India's combat drones will increase, DRDO starts testing of Kaveri engine in Russia

DRDO: भारत के लड़ाकू ड्रोन की बढ़ेगी ताकत, डीआरडीओ ने रूस में शुरू किया कावेरी इंजन का परीक्षण

Tue, 27 May 2025 10:40 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Tue, 27 May 2025 10:40 PM IST
सार

डीआरडीओ ने  कावेरी इंजन को स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान के लिए विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन कार्यक्रम में देरी के कारण लड़ाकू विमान को अमेरिकी जीई-404 इंजन द्वारा संचालित करना पड़ा। अब कावेरी का रूस में परीक्षण चल रहा है। इसका करीब 25 घंटे का परीक्षण बाकी है। यह स्लॉट रूस के अधिकारियों को देना है।

विज्ञापन
Strength of India's combat drones will increase, DRDO starts testing of Kaveri engine in Russia
डीआरडीओ - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारत के लड़ाकू ड्रोन की ताकत बढ़ाने की तैयारी हो रही है। भारत की प्रमुख रक्षा अनुसंधान एजेंसी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कावेरी इंजन तैयार कर लिया है। यह इंजन ड्रोन को शक्ति देगा। इस इंजन का डीआरडीओ रूस में परीक्षण कर रहा है। 
विज्ञापन


रक्षा अधिकारियों ने बताया कि कावेरी का रूस में परीक्षण चल रहा है। इसका करीब 25 घंटे का परीक्षण बाकी है। यह स्लॉट रूस के अधिकारियों को देना है। इस इंजन का उपयोग स्वदेशी यूएवी परियोजना को शक्ति प्रदान करने के लिए किए जाने की योजना है।  रक्षा अफसरों ने बताया कि कावेरी इंजन को एलसीए विमान में लगाने और इसकी क्षमता का प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई है। डीआरडीओ पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के मार्क 2 संस्करण समेत भविष्य के विमानों के लिए अधिक शक्तिशाली इंजन के विकास और निर्माण के लिए एक विदेशी फर्म के साथ काम कर रहा है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर का 'लोगो' इन दो सैनिकों ने किया था डिजाइन, सामने आए नाम; जानें पूरी कहानी
विज्ञापन
विज्ञापन


डीआरडीओ ने  कावेरी इंजन को स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान के लिए विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन कार्यक्रम में देरी के कारण लड़ाकू विमान को अमेरिकी जीई-404 इंजन द्वारा संचालित करना पड़ा।  जीई-404 का उपयोग 32 एलसीए मार्क 1 और ट्विन सीटर ट्रेनर संस्करणों को शक्ति प्रदान करने के लिए किया गया है। 83 एलसीए मार्क 1ए को भी जीई-404 द्वारा संचालित किया जाना है, लेकिन अमेरिकी फर्म के आपूर्ति में समस्याओं करने से योजना में देरी हो गई। 

ये भी पढ़ें: राइफल 'विध्वंसक' और स्वचालित ग्रेनेड लॉन्चर से कांपा था पाकिस्तान; बीएसएफ ने दिखाई ताकत

भारत रक्षा उपकरणों की तकनीक के लिए फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका की कई कंपनियों से बात कर रहा है। इस संबंध में निकट भविष्य में कई निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। लड़ाकू विमानों के लिए भारतीय स्वदेशी कार्यक्रम का उद्देश्य आयात में कटौती करना और वायुसेना के लिए स्वदेशी प्लेटफार्म उपलब्ध कराना है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed