पाकिस्तान ने हमारे मौलवियों के साथ क्या किया, पढ़ें पूरी कहानी
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कई दिन पाकिस्तान में लापता रहने के बाद भारत वापस लौटे हजरत निजामुद्दीन दरगाह के दो मौलवियों ने आपबीती सुनाते हुए विस्तार से बताया कि उनके साथ पडोसी मुल्क में क्या क्या हुआ था। एक मौलवी ने बताया कि कैसे उन्हें मुंह पर कपड़ा डालकर दूसरी जगह ले जाया गया। भारत लौटने के बाद दोनों मौलवियों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात कर उनका धन्यवाद अदा किया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से भी बात की।
बता दें कि हजरत निजामुद्दीन दरगाह के दो मौलवी आसिफ निजामी और नाजिम निजाजी कुछ दिन पहले पाकिस्तान के शहर कराची के लिए निकले थे। वहां पहुंचकर उन्होंने बाबा फरीद गंज दरगाह पर जियारत की। इसी बीच उनके लापता होने की खबर आ गई जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विदेश मंत्रालय भी तुरंत हरकत में आया पाक सरकार से इस संबंध में बातचीत की। इसी बीच खबर आई कि दोनों मौलवियों को पाक खुफिया एजेंसियों ने अपनी कैद में ले रखा है। हालांकि मामला उच्च स्तर पर उठने के बाद दोनों मौलवियों को मुक्त कर दिया गया।
सोमवार को वो अपने वतन भारत लौट आए। यहां आकर उन्होंने अपने परिवार के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए दोनों मौलवियों ने अपनी आपबीती सुनाई।
I was taken to a place quite far from Karachi, with my face covered.I was offered food, they prepared tea for me and biscuits:Asif Nizami pic.twitter.com/2LWCRR3Tui
— ANI (@ANI_news) March 20, 2017
We were not troubled, and were kept in VIP rooms. My details were asked, Dargah's details too:Asif Nizami, who had gone missing in Pakistan pic.twitter.com/dcDPUNm1bn
— ANI (@ANI_news) March 20, 2017
आंखों पर पट्टी बांधकर ले जाया गया कराची से दूर
मौलवी आसिफ निजामी ने बताया कि बाबा फरीद गंज दरगाह पर जियारत के बाद वे दाता दरबार के लिए निकले थे। इसी बीच पाकिस्तान पुलिस के कुछ अधिकारियों ने उन्हें अपनी हिरासत में लिया। उनके चेहरे पर पट्टी बांधी गई और उन्हें कराची से दूर एक गुप्त जगह पर ले जाया गया।
हालांकि मौलवियों ने अपने साथ किसी तरह के बुरे सुलूक की बात से इंकार किया है। आसिफ निजामी ने बताया कि उन्हें एक वीआईपी कमरे में ले जाया गया और आंखों की पट्टी खोली गई। इसके बाद वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीने के लिए चाय और खाने के लिए बिस्किट दिए।
एक एसएचओ ने मुझसे पूरी जानकारी मांगी और दरगाह के बारे में भी पूछताछ की। हमसे यहां आने का मकसद पूछा गया। निजामी का आरोप है कि पाकिस्तानी अखबार उम्मत की एक खबर के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की। अखबार ने उन्हें रॉ एजेंट बताकर खबर छापी थी जिसके बाद यह सिलसिला शुरू हुआ।
वहीं तमाम वाकये के बाद भी दूसरे मौलवी नाजिम निजामी ने दावा किया कि वह फिर पाकिस्तान जाएंगे और डंके की चोट पर जाएंगे। उन्होंने कहा वह पैगाम ए मोहब्बत लेकर दोबारा पाकिस्तान जाएंगे और उन्हें कोई नहीं रोक सकता।
Main Pakistan phir jaaunga, phir paigaam-e-mohabbat le kar jaaunga aur danke ki chot jaaunga: Nazim Nizami who had gone missing in Pakistan. pic.twitter.com/ZS0f8aKjYS
— ANI (@ANI_news) March 20, 2017