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पाकिस्तान ने हमारे मौलवियों के साथ क्या किया, पढ़ें पूरी कहानी

Mon, 20 Mar 2017 08:57 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Mon, 20 Mar 2017 08:57 PM IST
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Story of Clerics who return from pakistan
sufi - फोटो : ANI

कई दिन पाकिस्तान में लापता रहने के बाद भारत वापस लौटे हजरत निजामुद्दीन दरगाह के दो मौलवियों ने आपबीती सुनाते हुए विस्तार से बताया कि उनके साथ पडोसी मुल्क में क्या क्या हुआ था। एक मौलवी ने बताया कि कैसे उन्हें मुंह पर कपड़ा डालकर दूसरी जगह ले जाया गया। भारत लौटने के बाद दोनों मौलवियों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात कर उनका धन्यवाद अदा किया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से भी बात की। 

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बता दें कि हजरत निजामुद्दीन दरगाह के दो मौलवी आसिफ निजामी और नाजिम निजाजी कुछ दिन पहले पाकिस्तान के शहर कराची के लिए निकले थे। वहां पहुंचकर उन्होंने बाबा फरीद गंज दरगाह पर जियारत की। इसी बीच उनके लापता होने की खबर आ गई जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। 
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विदेश मंत्रालय भी तुरंत हरकत में आया पाक सरकार से इस संबंध में बातचीत की। इसी बीच खबर आई कि दोनों मौलवियों को पाक खुफिया एजेंसियों ने अपनी कैद में ले रखा है। हालांकि मामला उच्च स्तर पर उठने के बाद दोनों मौलवियों को मुक्त कर दिया गया। 
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सोमवार को वो अपने वतन भारत लौट आए। यहां आकर उन्होंने अपने परिवार के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए दोनों मौलवियों ने अपनी आपबीती सुनाई।


 

आंखों पर पट्टी बांधकर ले जाया गया कराची से दूर

Story of Clerics who return from pakistan

मौलवी आसिफ निजामी ने बताया कि बाबा फरीद गंज दरगाह पर जियारत के बाद वे दाता दरबार के लिए निकले थे। इसी बीच पाकिस्तान पुलिस के कुछ अधिकारियों ने उन्हें अपनी हिरासत में लिया। उनके चेहरे पर पट्टी बांधी गई और उन्हें कराची से दूर एक गुप्त जगह पर ले जाया गया। 

हालांकि मौलवियों ने अपने साथ किसी तरह के बुरे सुलूक की बात से इंकार किया है। आसिफ निजामी ने बताया कि उन्हें एक वीआईपी कमरे में ले जाया गया और आंखों की पट्टी खोली गई। इसके बाद वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीने के लिए चाय और खाने के लिए बिस्किट दिए। 

एक एसएचओ ने मुझसे पूरी जानकारी मांगी और दरगाह के बारे में भी पूछताछ की। हमसे यहां आने का मकसद पूछा गया। निजामी का आरोप है कि पाकिस्तानी अखबार उम्मत की एक खबर के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की। अखबार ने उन्हें रॉ एजेंट बताकर खबर छापी थी जिसके बाद यह सिलसिला शुरू हुआ। 

वहीं तमाम वाकये के बाद भी दूसरे मौलवी‌ नाजिम निजामी ने दावा किया कि वह फिर पाकिस्तान जाएंगे और डंके की चोट पर जाएंगे। उन्होंने कहा वह पैगाम ए मोहब्बत लेकर दोबारा पाकिस्तान जाएंगे और उन्हें कोई नहीं रोक सकता। 


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