फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Story of Akhilesh and Mulayam rallies

तो चुनाव बाद अखिलेश से सौदेबाजी करेंगे शिवपाल?

Sun, 12 Feb 2017 01:42 PM IST
जुबैर अहमद / बीबीसी हिन्दी
जुबैर अहमद / बीबीसी हिन्दी Updated Sun, 12 Feb 2017 01:42 PM IST
विज्ञापन
Story of Akhilesh and Mulayam rallies

कुछ दिन पहले रामपुर में समाजवादी पार्टी की एक चुनावी रैली में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आए थे। वहां लोगों ने कहा कि 'नेता जी' अब पार्टी के लिए प्रचार करने को तैयार हो गए हैं। नेता जी यानी मुलायम सिंह यादव तैयार जरूर हुए, लेकिन अपने भाई के लिए।

विज्ञापन


उन्होंने कल जसवंतनगर चुनावी छेत्र में इस चुनाव में पहली बार एक सभा को संबोधित किया।यहाँ से उनके छोटे भाई शिवपाल सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैदान में हैं। जब से यादव परिवार में युद्ध छिड़ा है मुलायम सिंह ने अपने बेटे अखिलेश के लिए प्रचार नहीं किया है।

विज्ञापन

आखिरी समय में चाचा को दिया टिकट

Story of Akhilesh and Mulayam rallies

इस घरेलू लड़ाई में ऐसा लगा कि अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह और चाचा शिवपाल सिंह से बगावत की है। लड़ाई के बाद पार्टी की बागडोर अखिलेश ने संभाली और चुनावी मैदान में अपने पसंद के लोगों को उतारा। ऐसा लगा कि पार्टी दो हिस्सों में विभाजित हो जाएगी।

लेकिन आखिरी समय में अखिलेश यादव ने अपने चाचा का ख्याल रखते हुए उन्हें जसवंतनगर से टिकट दिया जहाँ शिवपाल यादव 1996 से चुनाव जीतते आ रहे हैं। सभा एक खुले मैदान में आयोजित की गई थी। बड़े-बड़े पोस्टरों में मुलायम सिंह और शिवपाल सिंह के चेहरे मुस्कुराकर लोगों का स्वागत कर रहे थे।

अभी बूढ़ी नहीं हुई है समाजवादी पार्टी

Story of Akhilesh and Mulayam rallies

जाड़े की धूप में लोग नेता जी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जब सभा को स्थानीय नेता संबोधित कर रहे थे तो लोगों में जोश नहीं नजर आया। लेकिन जैसे ही मुलायम सिंह का हेलीकॉप्टर जमीन पर उतरा एकदम से लोग उन्हें देखने उमड़ पड़े। मुलायम सिंह को सुनने चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश दोनों के समर्थक आए थे।

लोगों का कहना था मुलायम सिंह का भाषण पार्टी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा। नेता जी ने लोगों से शिवपाल सिंह को जिताने की अपील की। सीधे तौर पर अपने बेटे या पारिवारिक झगड़ों के बारे में कुछ नहीं कहा। उनका एक बयान लोगों को बहुत भाया। उन्होंने जब कहा कि समाजवादी पार्टी बूढी नहीं हुई है। अब भी जवान है तो इसका स्वागत लोगों ने तालियों और नारों से किया।

विज्ञापन

तो चुनाव के बाद अखिलेश से सौदाबाजी करेंगे शिवपाल?

Story of Akhilesh and Mulayam rallies

सभा शिवपाल की थी लेकिन अखिलेश के समर्थक काफी संख्या में मौजूद थे। पार्टी के समर्थक अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। वो पारिवारिक झगड़े से अधिक प्रभावित नजर नहीं आ रहे थे। कुछ कार्यकर्ताओं के अनुसार अखिलेश यादव की बाप से बगावत के कारण जमीन पर कार्यकर्ताओं में जोश की काफी कमी है।

कार्यकर्ताओं के अनुसार परिवार में पड़े दरार को ऊपर से पाट दिया गया है। मतभेद गहरा है। अखिलेश यादव ने जिन लोगों टिकट दिए हैं, उनमें 35-40 शिवपाल के गुप्त समर्थक हैं। चुनाव में जीत के बाद शिवपाल सिंह 'अपने' जीते हुए विधायकों के साथ अखिलेश यादव से सौदेबाजी करेंगे। यानी पारिवारिक उठापटक दोबारा शुरू हो सकती है।

पिता-चाचा रैली में बुजुर्ग अधिक थे। तीन दिन पहले बेटे अखिलेश की रैली में युवा अधिक थे। रामपुर की रैली जसवंतनगर की रैली से कहीं बड़ी थी। रामपुर की रैली में लोग आखिर तक डटे रहे। लेकिन जसवंतनगर की सभा में मुलायम सिंह के भाषण के दौरान सैकड़ों लोग मैदान छोड़ कर वापस जाने लगे। जो लोग मंच के सामने कुर्सियों पर बैठे थे वो भाषण खत्म होने तक वहीं जमे रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed