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जाटों को दिल्ली पहुंचने से रोकें राज्य: गृह मंत्रालय

Sun, 19 Mar 2017 03:36 AM IST
amarujala.com- Presented by: विक्रान्त सिंह
amarujala.com- Presented by: विक्रान्त सिंह Updated Sun, 19 Mar 2017 03:36 AM IST
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stop Jats from reaching delhi: Home Ministry advised states
जाटों के प्रदर्शन से पूर्व केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस और पड़ोसी राज्यों से कहा है कि वे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली की सीमा तक पहुंचने से रोकें। 
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केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में दिल्ली पुलिस के साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारों से जाटों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए धारा 144 लागू करने को कहा गया है। जाटों ने नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की अपनी मांग के समर्थन में दिल्ली में प्रदर्शन करने की धमकी दी है।
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एडवाइजरी में कहा गया है, ‘प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में पहुंचने से पहले गिरफ्तार किया जाए या हिरासत में लिया जाए, प्रदर्शनकारियों को ले जाने वाली बसों को राजमार्गों पर आने की अनुमति नहीं दी जाए और ट्रैक्टर ट्राली की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाए।’ अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने अपनी मांगों को लेकर 20 मार्च से संसद का घेराव करने की धमकी दी है।
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गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने जाटों की धमकी के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी और पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा हालात की समीक्षा भी की है। केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कानून व्यवस्था की स्थिति का बुधवार को इन चारों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को प्रदर्शन के दौरान शांति सुनिश्चित करने और जनजीवन में खलल की कोशिशों को रोकने को कहा।

समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा है कि जाट अपने ट्रैक्टर और छोटे वाहनों के साथ हैं तथा वे कम से कम 10 दिनों का राशन लेकर पड़ोसी राज्यों से राजमार्गों के जरिए दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। गौरतलब है कि जाट सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं।


इसके अलावा समुदाय के कई युवाओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। वे जेल में कैद लोगों को रिहा करने और पिछले साल के आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के निकट परिजनों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण एवं मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं।
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