{"_id":"5bc6fd14bdec221a020c4866","slug":"statements-of-politicians-on-women-entry-in-sabarimala","type":"story","status":"publish","title_hn":"सबरीमाला: महिलाओं के प्रवेश को लेकर हो रहे विरोध पर पढ़िए नेताओं के बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सबरीमाला: महिलाओं के प्रवेश को लेकर हो रहे विरोध पर पढ़िए नेताओं के बयान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Updated Wed, 17 Oct 2018 02:42 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
विज्ञापन
आज केरल में सबरीमाला मंदिर के कपाट खुलने हैं। इस बीच लोगों द्वारा भारी विरोध भी जारी है। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसला में कहा था कि मंदिर में सभी उम्र की महिलाएं प्रवेश कर सकती हैं, इससे पहले केवल 12 साल से कम और 60 साल से अधिक आयु वर्ग की महिलाएं ही प्रवेश कर सकती थीं। विरोध प्रदर्शन में महिला और पुरुष समेत कई संगठन भी शामिल हैं। चलिए आपको बताते हैं कि इस विरोध प्रदर्शन के बीच देशभर में नेताओं ने क्या बयान दिए हैं।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
- केरल के मंत्री, वीएस सुनील का कहना है कि भाजपा और आरएसएस डबल स्टैंड ले रहे हैं। एक तरफ भाजपा से जुड़े पांच वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की ताकि सभी आयु की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश मिल सके। वहीं दूसरी तरफ भाजपा फैसले के खिलाफ हो रही लड़ाई का नेतृत्व कर रही है। अब भाजपा इसे कानून और व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।
- भाजपा नेता उदित राज का कहना है, 'दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ है और यह काफी दिलचस्प भी है। 'मुझे गुलाम बनाओ, मेरे साथ असमान रूप से व्यवहार करो, हम पुरुषों से कम हैं', महिलाएं ही महिलाओं को रोक रही हैं। इसमें क्या बात है? मुझे नहीं पता कि इस देश में क्या हो रहा है।' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी निजी राय है, राजनीतिक नहीं।
- मुख्यमंत्री पी. विजयन ने विरोध कर रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी श्रद्धालुओं का रास्ता रोकेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि सरकार पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हर हाल में लागू करेगी।
- भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सबरीमाला मामले पर बोलते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया है, लेकिन अब आप कह रहे हैं कि यह हमारी परंपरा है। तीन तलाक भी इसी तरह की परंपरा है, जब इसे खत्म कर दिया गया तो सब लोग प्रशंसा कर रहे थे। वही हिंदू अब सड़कों पर आ गए हैं।'
उन्होंने कहा, 'यह पुनरुत्थान और रूढ़िवाद के बीच की लड़ाई है। पुनरुत्थान का कहना है कि सभी हिंदू बराबर हैं और जाति व्यवस्था को समाप्त किया जाना चाहिए। क्योंकि आज कोई भी ब्राह्मण केवल बौद्धिक नहीं है, वो सिनेमा जगत में भी है और व्यवसाय में भी है। यह कहां लिखा गया है कि जाति जन्म से होती है? शास्त्रों में संशोधन किया जा सकता है।'