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ब्राह्मण-क्षत्रियों से मांगे सफाईकर्मियों के लिए आवेदन, मच गई तोड़फोड़

Thu, 23 Jun 2016 02:21 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 23 Jun 2016 02:21 PM IST
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St Xavier's NGO seeks toilet cleaners from general category
सफाईकर्मियों के पदों पर सामान्य वर्ग से आवेदन मांगने पर बवाल - फोटो : demo

अहमदाबाद में सेंट जैवियर्स एजुकेशन सोसायटी की गैर सरकारी संस्था ह्यूमन डिवेलपमेंट एंड रिसर्च सेंटर ने (एचआरडीसी) ने सफाईकर्मियों के लिए ऐसा इश्तेहार दिया कि संस्था को खुद की सफाई में माफी मांगनी पड़ गई। दरअसल, संस्था ने सफाईकर्मियों की नौकरी के लिए खाली जगहों का इश्तेहार दिया था। सफाईकर्मियों के तमाम पदों के लिए संस्था ने केवल जनरल कैटेगरी यानी सामान्य वर्ग के लोगों से आवेदन मांगा था। 

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबित इश्तेहार में कहा गया कि स्नानागार, शौचालय और सामने के आंगन में सफाई हेतु सफाईकर्मी चाहिए। इसके लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय, बनिया, पटेल, जैन, सैयद, पठान, सीरियाई क्रिश्चियन और पारसी लोगों को तरजीह दी जाएगी।
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इस इश्तेहार पर संस्था को कई समुदायों के कोप का भाजन बनना पड़ा। राजपूत शौर्य फाउंडेशन और युवा शक्ति संगठन के गुस्साए कार्यकर्ताओं ने एनजीओ के दफ्तर में जाकर तोड़फोड़ कर डाली। तोड़फोड़ मचाने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि एनजीओ समाज में फूट डालना चाहती है। वहीं एक मुस्लिम संस्था ने एनजीओ को सात दिन के अंदर माफी मागने वाला लीगल नोटिस भेजा।

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'हम माफी चाहते हैं'

St Xavier's NGO seeks toilet cleaners from general category

युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष रौनक सिंह गोहेल ने कहा कि वो एनजीओ से निपटने के लिए गांधी का रास्ता नहीं अपनाएंगे।

सुन्नी आवामी फोरम के उस्मान कुरैशी ने कहा सैयद ही मुहम्मद पैगम्बर के वंशज माने जाते हैं, इसलिए क्रिश्चियन मिसनरियों को सैयदों का रुतबा खल रहा है, उन्होंने ऐसा जानबूझकर किया। उन्होंने हमारी धार्मिक भावनाएं भड़काने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने का काम किया है। 

अपने इश्हार पर बवाल मचते और चारों ओर से घिरते एनजीओ ने बैकफुट पर आने में देर नहीं लगाई। एनजीओ के सेक्रेटरी जिम्मी दाभी ने माफी मांगी और कहा कि सफाईकर्मियों के पदों के लिए निश्चित जाति के लोगों से आवेदन इसलिए मांगे गए थे, ताकि सामाजिक असमानता को खत्म किया जा सकते। ऐसा स्वच्छ भारत अभियान तो ध्यान में रखते हुए किया गया था। 

एनजीओ की तरफ से कहा गया कि किसी को भी उनके इश्हेहार से ठेस पहुंची है तो इसलिए संस्था माफी मांगती है और यकीन दिलाती है कि भविष्य ऐसा नहीं होगा।

Published By Rohit Kumar Porwal

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