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MHA: गोट्टिकोया आदिवासियों की स्थिति पर ST आयोग ने मांगी रिपोर्ट, माओवादी हिंसा की वजह से हुए हैं विस्थापित

Sun, 10 Nov 2024 02:06 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 10 Nov 2024 02:06 PM IST
सार

आदिवासी अधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक, करीब 50 हजार आदिवासी वामपंथी कट्टरवाद के चलते उस दौरान छत्तीसगढ़ को मजबूर हुए थे। वे अब ओडिशा के जंगलों में, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 248 जगहों पर रहने को मजबूर हैं।  

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ST panel urges Centre, states to take policy action for LWE-displaced Gottikoya tribals news and updates
एसटी आयोग। - फोटो : ANI

विस्तार

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और चार राज्यों को नोटिस जारी कर गोट्टिकोया आदिवासियों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट दायर करने के लिए कहा है। माओवादी हिंसा की वजह से छत्तीसगढ़ छोड़ने के लिए मजबूर हुए आदिवासी फिलहाल महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में खराब हालात में रहने को मजबूर हैं। इसके चलते इन पड़ोसी राज्यों में उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ भी नहीं मिल पा रहे हैं। 
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आयोग ने अनुरोध किया है कि गृह मंत्रालय का एक सचिव स्तर का अधिकारी और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव 9 दिसंबर को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मुलाकात करें और समुदाय को जरूरी मदद मुहैया कराने के लिए जल्द नीतिगत फैसला लें।
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मंत्रालय को शुक्रवार को भेजी गई चिट्ठी में आयोग ने कहा है कि उसे मार्च 2022 को एक याचिका मिली थी। इसमें गोट्टिकोया समुदाय के लोगों के 2005 में ही छत्तीसगढ़ छोड़ने और पड़ोसी राज्यों में बसने की बात कही गई थी। इसका कारण माओवादी गुरिल्लाओं की तरफ से हिंसा को बताया गया था। याचिका में कहा गया था कि नई जगहों पर इस समुदाय के लोगों को काफी चुनौतियां झेलनी पड़ रही हैं।
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आदिवासी अधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक, करीब 50 हजार आदिवासी वामपंथी कट्टरवाद के चलते उस दौरान छत्तीसगढ़ को मजबूर हुए थे। वे अब ओडिशा के जंगलों में, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 248 जगहों पर रहने को मजबूर हैं।  कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेलंगाना सरकार ने राज्य में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से 75 जगहों पर जमीन वापस ले ली है। इससे आदिवासियों की हालत और जीजीविषा पर नकारात्मक असर पड़ा है। 
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