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Sri Lanka: आर्थिक तौर पर टूट चुके श्रीलंका की नजर अब भारत पर, भारतीय पर्यटकों को बनाना चाहता है अपनी पूंजी
Sat, 08 Jul 2023 09:24 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 08 Jul 2023 09:24 PM IST
सार
India-Sri Lanka Tourism: श्रीलंका की नजर भारतीय पर्यटकों पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका पर्यटन संवर्धन ब्यूरो अगले 12 महीनों में भारत में श्रीलंका में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए करोड़ों का निवेश करने जा रहा है।
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श्रीलंका के पर्यटन स्थल
- फोटो : istock
विस्तार
India-Sri Lanka News: पिछले साल श्रीलंका में आर्थिक संकट की वजह से जो भी कुछ हुआ वह किसी से छुपा नहीं है। दुनिया ने 2022 में श्रीलंका से भीतर की अराजकता भरी तस्वीरें देखीं, जब प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के घरों पर कब्जा कर लिया था और मजबूरी में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अपना पद और देश तक छोड़ना पड़ा था। लेकिन श्रीलंका ने आर्थिक संकट से उबरने के लिए कुछ कदम उठाए हैं लेकिन स्थिर रहने के लिए वह कदम नाकाफी हैं। श्रीलंका का बड़ा व्यापार पर्यटन के जरिए होता है, जिसको कोरोनाकाल से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
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वहीं अब श्रीलंका की नजर भारतीय पर्यटकों पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका पर्यटन संवर्धन ब्यूरो अगले 12 महीनों में भारत में श्रीलंका में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए करोड़ों का निवेश करने जा रहा है। श्रीलंका का लक्ष्य अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाना और 2021 से चल रहे आर्थिक संकट से उबरना है। भारत 2018 से श्रीलंका का शीर्ष पर्यटन स्रोत बाजार रहा है, जबकि चीन दूसरे स्थान पर रहा है।
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मुख्य फोकस निश्चित रूप से भारत और चीन पर होगा
बड़ी बात यह है कि श्रीलंका पर्यटन संवर्धन ब्यूरो (एसएलटीपीबी) के अध्यक्ष चालका गजबाहु ने कहा कि उनका अनुमान है कि यूरोपीय बाजारों में आर्थिक मंदी को देखते हुए निकट भविष्य में दोनों देश शीर्ष स्थान पर बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी 100 देशों में फोकस नहीं कर रहे हैं अभी सिर्फ भारत और चीन ही हमारी प्राथमिकता हैं। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भी कहा कि भारत और चीन पर ध्यान केंद्रित करें क्योंकि अगले तीन से चार वर्षों यहां से संख्या और बढ़ने वाली है। हालांकि यूरोप में मंदी है, इसका मतलब यह नहीं है कि हम वहां के प्रमुख बाजारों को नजरअंदाज कर रहे हैं, लेकिन मुख्य फोकस निश्चित रूप से भारत और चीन पर होगा।
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यह घोषणा कोलंबो में ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) के 67वें सम्मेलन के मौके पर हुई। जिसमें भारत के केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शिरकत की थी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि चेन्नई और श्रीलंका के जाफना के बीच उड़ानों का संचालन 16 जुलाई से अब प्रतिदिन किया जाएगा। पहले सिर्फ चार दिन ही चेन्नई-जाफना उड़ानें संचालित होती थी। सिंधिया ने दावा किया कि दैनिक सेवाओं की बढ़ोतरी से पर्यटन, व्यापार और वाणिज्य में भी वृद्धि होगी।
पर्यटन का पूरा फायदा उठाना लक्ष्य
श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा कि हम पर्यटन को नया बनाने और संभावनाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने श्रीलंका में दिवालियापन का सामना किया और अब जब हम इससे बाहर निकल रहे हैं, कर्ज भी कम हो रह है। हमें अब भी याद रखना होगा कि व्यापार संतुलन हमारे पक्ष में नहीं है। इसलिए, हमें आने वाले समय में व्यापार का सकारात्मक संतुलन सुनिश्चित करना होगा। धन जुटाने का एक तरीका जो ऋण पैदा करने वाला नहीं है, वह पर्यटन है। इसलिए, इसका पूरा फायदा उठाएं।