झटके के बावजूद पस्त नहीं हुआ है भाजपा का हौसला
- पार्टी के रणनीतिकार का दावा किसी कीमत पर नहीं बचेगी रावत सरकार
- कहा सोमवार को नहीं आज ही हो जाएगी स्थिति साफ
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उत्तराखंड में जारी सियासी संकट का ऊंट किस करवट बैठेगा इस पर सस्पेंस और गहरा गया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट की ओर से बागी विधायकों की स्पीकर की ओर से भेजे गए नोटिस पर दाखिल की गई याचिका खारिज होने केबावजूद भाजपा के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। पार्टी के एक बड़े रणनीतिकार के मुताबिक रावत सरकार को हालांकि बहुमत सोमवार को हासिल करना है, मगर इससे पहले शनिवार को ही तस्वीर साफ हो जाएगी। इस बीच पार्टी नेतृत्व ने कांग्रेस के 9 बागी विधायकों और अपने 26 विधायकों को रविवार की रात देहरादून पहुंचाने की रणनीति बनाई है। ये विधायक अपने घर से दूर किसी होटल या गेस्ट हाउस में ठहरेंगे और वहीं से सोमवार को विधानसभा के लिए रवाना होंगे।
कांग्रेस में बगावत को अमली जामा पहनाने में अहम किरदार निभाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता ने अमर उजाला से कहा 'हाईकोर्ट का फैसला पार्टी के लिए झटका नहीं है। याचिका खारिज होने के बाद अब पार्टी सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकेगी। जहां तक रावत सरकार के भविष्य का सवाल है तो यह सरकार नहीं बचेगी। इसके लिए सोमवार तक इंतजार नहीं करना होगा। बस शनिवार तक का इंतजार कीजिए।' उक्त रणनीतिकार ने कहा कि पार्टी किसी भी स्थिति के लिए पहले से तैयार है।
चाहे विधानसभा अध्यक्ष की ओर से बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने का फैसला सुनाने की बात हो या फिर कोई अन्य पहलू। हम सभी परिस्थितियों के लिए पहले से ही तैयार हैं।
इस बीच पार्टी के रणनीतिकारों ने कांग्रेस के बागी और अपने विधायकों को रविवार देर रात ही देहरादून पहुंचाने की रणनीति बनाई है। रविवार तक बागी और पार्टी के विधायक किसी दूसरे संपर्क से दूर ही रहेंगे। इन्हें सोमवार को सीधे विधानसभा पहुंचाने की योजना है। इन विधायकों के साथ पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी श्याम जाजू सहित प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेता संपर्क में रहेंगे।