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योगी के एंटी रोमियो दस्ते की तर्ज पर त्रिवेंद्र ने बनाया गौ रक्षा दस्ता
संजय मिश्र/ नई दिल्ली
Updated Sun, 22 Oct 2017 05:33 PM IST
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के एंटी रोमियो दस्ते के तर्ज पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गौ रक्षा दस्ता बनाया है। योगी का एंटी रोमियो दस्ता बेशक पार्क और सार्वजनिक स्थलों पर रोमांस करने वाले जोड़ों के खिलाफ कदम था। मगर त्रिवेंद्र का यह दस्ता अवैध रूप से तस्करी और मांस के लिए काटी जा रही गायों की रक्षा के लिए है।
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इस फैसले की जानकारी देते हुए त्रिवेंद्र ने कहा है कि उत्तराखंड़ में गोवंश संरक्षण अधिनियम 2007 को लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए गढ़वाल और कुमाऊं में गोवंश संरक्षण दस्तों का गठन किया है। उत्तराखंड मुख्यमंत्री के अनुसार हर दस्ते में एक इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिसकर्मी होंगे जो गौ तस्करों पर पैनी नजर रखेंगे और जरूरी कानूनी कार्रवाई करेंगे ।
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अवैध पशु कत्लखानों पर भी होगी सख्ती
गोवंश संरक्षण स्क्वाड के गठन का आदेश जारी करते हुए उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कुमायूं और गढ़वाल के पुलिस उप महानिरीक्षकों का निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गोवंश संरक्षण की टीम बनाएं। टीम को प्रत्येक जनपद के वैद्य और अवैध स्लाटर हाउसों की सूची बनाने को कहा गया है।
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साथ ही अवैध स्लाटर हाउसों एवं अवैध गोवंश लाने व ले जाने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यवाही के दौरान स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन से भी गोवंश संरक्षण दस्ते को सहयोग के निर्देश दिए गए हैं।
बोलेरो कार और वायरलैस सेट से लैस होगा गोरक्षा स्क्वाड
त्रिवेंद्र का गोरक्षा स्क्वाड बोलेरो कार और वायरलैस सेट से लैस रहेगा। पुलिस को इस स्क्वाड़ को बोलेरो कार और वायरलैस सेट मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं यह स्क्वाड हर महीने की 5 तारीख को अपने कामकाज की रिपोर्ट राज्य के पुलिस मुख्यालय को सौंपेगा।
बताया जा रहा है कि गोरक्षा के लिए उठाए गए अब तक के कदमों में उत्तराखंड सरकार का यह कदम सबसे बड़ा है। हालांकि आने वाले दिनों में योगी के एंटी रोमियो दस्ते की तरह उत्तराखंड के गोरक्षा दस्ते पर भी विवाद बढ़ सकता है। मगर रावत ने अपना दांव तो चल ही दिया है।