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Exclusive: BJPओवैसी को वोट कटवाने के लिए लड़वाती है, जनता सबक सिखाएगी,कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी से खास बातचीत
Tue, 21 Nov 2023 06:54 AM IST
शिव शरण शुक्ला
नितिन यादव
नितिन यादव
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 21 Nov 2023 06:54 AM IST
सार
कर्नाटक में बड़ी जीत के बाद अब कांग्रेस तेलंगाना में भी सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है। पार्टी को लगता है कि उसकी गारंटी की योजनाओं के साथ ही सोशल इंजीनियरिंग इन चुनावों में प्रदेश में सरकार बनवाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी की लोकप्रियता भी प्रदेश में बढ़ी है। चुनाव को लेकर टिकट वितरण में भी उनकी खूब चली है। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार वहीं होंगे। पेश है रेवंत रेड्डी से नितिन यादव की बातचीत के प्रमुख अंश-
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रेवंत रेड्डी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कर्नाटक में बड़ी जीत के बाद अब कांग्रेस तेलंगाना में भी सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है। पार्टी को लगता है कि उसकी गारंटी की योजनाओं के साथ ही सोशल इंजीनियरिंग इन चुनावों में प्रदेश में सरकार बनवाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी की लोकप्रियता भी प्रदेश में बढ़ी है। चुनाव को लेकर टिकट वितरण में भी उनकी खूब चली है। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार वहीं होंगे। पेश है रेवंत रेड्डी से नितिन यादव की बातचीत के प्रमुख अंश-
क्या कांग्रेस तेलंगाना में सरकार बना पाएगी?
जनता यहां पर मुख्यमंत्री केसीआर को सबक सिखाना चाहती है। उनके परिवार ने तेलंगाना में काफी भ्रष्टाचार किया है और अब लोग इससे तंग आ चुके हैं। प्रदेश के संसाधनों को लूटा गया है और जनता की अदालत में इसका फैसला होगा। आप देखिएगा कांग्रेस सरकार बनाएगी।
तेलंगाना में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी काफी चर्चा में रहते हैं। उनको लेकर ही काफी बयानबाजी हो रही है। वह दूसरे राज्यों में पालिकाओं के चुनाव भी लड़ते हैं लेकिन यहां केवल नौ सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
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ओवैसी की बीआरएस और भाजपा से मिलीभगत है। गोशामहल में उनकी पार्टी का मुख्यालय है और उन्होंने वहां से भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए प्रत्याशी नहीं उतारा है। जहां पर वह रहते हैं वहां वह बीआरएस का समर्थन कर रहे हैं। कर्नाटक में चुनाव के दौरान भाजपा के एक सांसद ओवैसी से मिलने आए थे। वजह थी कि उन्हें वोट काटने के लिए चुनाव लड़वाना था। स्थानीय लोगों को सब पता है कि उनकी भाजपा से कितनी गहरी दोस्ती है।
ओवैसी कहते हैं कि बीआरएस की सरकार में अल्पसंख्यकों के लिए काफी काम किए गए हैं। कांग्रेस का अल्पसंख्यक प्रेम छद्म है। ओवैसी ने राहुल गांधी पर भी काफी आरोप लगाए हैं?
केसीआर की सरकार में कितना हिस्सा मिला है इस पर ओवैसी को जवाब देना चाहिए। उनसे पूछा जाना चाहिए कि वह राहुल गांधी के खिलाफ हैं या भाजपा के खिलाफ हैं। अगर आप राहुल के खिलाफ बोल रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप मोदी और शाह को फायदा पहुंचा रहे हैं।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का तेलंगाना में कितना असर है?
भारत जोड़ो यात्रा के बाद कर्नाटक में कांग्रेस की मजबूत सरकार बनी है। यहां भी इसका असर होगा। लोगों को दिख रहा है कि राहुल गांधी किस तरह से मेहनत कर रहे हैं। तेलंगाना से गांधी परिवार का मजबूत रिश्ता है। इंदिरा गांधी भी यहां से जीतती रही हैं।
आपको संघ के बैकग्राउंड का बताया जा रहा है। विरोधी कह रहे हैं कि आप संघ से कांग्रेस में आए हैं?
मैं पिछले जन्म में क्या था, यह भी बता दिया जाना चाहिए। बात इस पर होनी चाहिए कि मैं आज कहां हूं। मुझे उसी विचारधारा में रहना होता तो भाजपा में सत्ता के साथ होता न कि विपक्ष में बैठता। पिछले 20 साल से संघर्ष कर रहा हूं। ओवैसी बेकार के बयान दे रहे हैं।
भाजपा कहती है कि पिछड़े को मुख्यमंत्री बनाएंगे?
भाजपा को इस चुनाव में कुल दो प्रतिशत वोट भी नहीं मिलने वाले हैं और सौ से ज्यादा सीटों पर उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। ऐसे में वह किसी को भी सीएम बनाने का वादा कर ले कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। पिछड़े को ही मुख्यमंत्री बनाना है तो दस से ज्यादा राज्य हैं, वहां पर बना ले। तेलंगाना में विधानसभा की कुल 119 सीटें हैं।
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क्या कांग्रेस तेलंगाना में सरकार बना पाएगी?
जनता यहां पर मुख्यमंत्री केसीआर को सबक सिखाना चाहती है। उनके परिवार ने तेलंगाना में काफी भ्रष्टाचार किया है और अब लोग इससे तंग आ चुके हैं। प्रदेश के संसाधनों को लूटा गया है और जनता की अदालत में इसका फैसला होगा। आप देखिएगा कांग्रेस सरकार बनाएगी।
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तेलंगाना में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी काफी चर्चा में रहते हैं। उनको लेकर ही काफी बयानबाजी हो रही है। वह दूसरे राज्यों में पालिकाओं के चुनाव भी लड़ते हैं लेकिन यहां केवल नौ सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
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ओवैसी की बीआरएस और भाजपा से मिलीभगत है। गोशामहल में उनकी पार्टी का मुख्यालय है और उन्होंने वहां से भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए प्रत्याशी नहीं उतारा है। जहां पर वह रहते हैं वहां वह बीआरएस का समर्थन कर रहे हैं। कर्नाटक में चुनाव के दौरान भाजपा के एक सांसद ओवैसी से मिलने आए थे। वजह थी कि उन्हें वोट काटने के लिए चुनाव लड़वाना था। स्थानीय लोगों को सब पता है कि उनकी भाजपा से कितनी गहरी दोस्ती है।
ओवैसी कहते हैं कि बीआरएस की सरकार में अल्पसंख्यकों के लिए काफी काम किए गए हैं। कांग्रेस का अल्पसंख्यक प्रेम छद्म है। ओवैसी ने राहुल गांधी पर भी काफी आरोप लगाए हैं?
केसीआर की सरकार में कितना हिस्सा मिला है इस पर ओवैसी को जवाब देना चाहिए। उनसे पूछा जाना चाहिए कि वह राहुल गांधी के खिलाफ हैं या भाजपा के खिलाफ हैं। अगर आप राहुल के खिलाफ बोल रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप मोदी और शाह को फायदा पहुंचा रहे हैं।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का तेलंगाना में कितना असर है?
भारत जोड़ो यात्रा के बाद कर्नाटक में कांग्रेस की मजबूत सरकार बनी है। यहां भी इसका असर होगा। लोगों को दिख रहा है कि राहुल गांधी किस तरह से मेहनत कर रहे हैं। तेलंगाना से गांधी परिवार का मजबूत रिश्ता है। इंदिरा गांधी भी यहां से जीतती रही हैं।
आपको संघ के बैकग्राउंड का बताया जा रहा है। विरोधी कह रहे हैं कि आप संघ से कांग्रेस में आए हैं?
मैं पिछले जन्म में क्या था, यह भी बता दिया जाना चाहिए। बात इस पर होनी चाहिए कि मैं आज कहां हूं। मुझे उसी विचारधारा में रहना होता तो भाजपा में सत्ता के साथ होता न कि विपक्ष में बैठता। पिछले 20 साल से संघर्ष कर रहा हूं। ओवैसी बेकार के बयान दे रहे हैं।
भाजपा कहती है कि पिछड़े को मुख्यमंत्री बनाएंगे?
भाजपा को इस चुनाव में कुल दो प्रतिशत वोट भी नहीं मिलने वाले हैं और सौ से ज्यादा सीटों पर उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। ऐसे में वह किसी को भी सीएम बनाने का वादा कर ले कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। पिछड़े को ही मुख्यमंत्री बनाना है तो दस से ज्यादा राज्य हैं, वहां पर बना ले। तेलंगाना में विधानसभा की कुल 119 सीटें हैं।