नेपाल के एफएम रेडियो पर हो रहा सपा मुखिया अखिलेश यादव का गुणगान
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उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा की सरकार के सत्ता से बाहर हुए 20 महीने बीत चुके हैं, लेकिन पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में उनका जमकर गुणगान हो रहा है। इतनी ही नहीं, मौजूदा सरकार की नीतियों की खूब आलोचना हो रही है। नेपाल के एफएम रेडियो पर एक घंटे के कार्यक्रम में अखिलेश यादव का गुणगान जिले के तराई बेल्ट में सपा को ऑक्सीजन देने का काम कर रहा है।
नेपाली एफएम पर प्रतिदिन रात नौ बजे से 10 बजे तक गायक धर्मेंद्र सोलंकी कार्यक्रम पेश करते हैं। इसमें वह अखिलेश यादव की सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हैं। समाजवादी पेंशन से लेकर, 102, 108, 1090 के साथ ही अन्य योजनाओं को गिनाते हैं। दूसरी ओर, कार्यक्रम में मौजूदा भाजपा सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की जाती है।
तराई क्षेत्रों में खूब पसंद किया जा रहा कार्यक्रम
पेट्रोल-डीजल की महंगाई से लेकर शुरू हुई बात सरकार को व्यापारी और किसान विरोधी करार देने तक पहुंच जाती है। कमल का फूल, हम सबकी भूल और राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, लेकिन तारीख नहीं बताएंगे जैसे स्लोगन से भाजपा सरकार की आलोचना की जाती है।
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में इससे सपा को काफी लाभ मिलेगा। यह कार्यक्रम तराई बेल्ट में खूब पसंद किया जाता है। यहां वोटरों की संख्या भी काफी है। कार्यक्रम से बॉर्डर से सटे सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर व बहराइच के मतदाता प्रभावित हो सकते हैं।
नेपाली बिरहा का तड़का
नेपाल के एफएम पर नेपाली बिरहा का तड़का जोर-शोर से लगा रहा है। नेपाली बिरहा ‘केहू होई लेकिन अखिलेश न होई’ को तराई बेल्ट में खूब पसंद किया जा रहा है। कार्यक्रम में अखिलेश यादव की चर्चा का मुख्य कारण यह है कि कपिलवस्तु जिले में यादवों की आबादी काफी अधिक है। यहां के लोग अखिलेश को खूब पसंद करते हैं।