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मेडिकल में ओबीसी के आरक्षण खत्म करने पर सोनिया ने पीएम को लिखा पत्र
Sat, 04 Jul 2020 05:53 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sat, 04 Jul 2020 05:53 AM IST
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सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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कोरोना संकट और चीन से तनाव के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राज्यों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को लेकर शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। सोनिया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में नीट परीक्षा से भरी जा रही सीटों में ओबीसी छात्रों को आरक्षण से इनकार किए जाने की ओर पीएम का ध्यान आकर्षित कराया।
सोनिया ने पत्र में लिखा, केंद्र और सभी राज्यों के चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में अखिल भारतीय कोटा के तहत 15 फीसदी सीट अनुसूचित जाति, 7.5 फीसदी सीट अनुसूचित जनजाति और 10 फीसदी सीट आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित हैं। हालांकि ओबीसी छात्रों के लिए अखिल भारतीय कोटा की व्यवस्था केंद्रीय संस्थानों में प्रतिबंधित है।
उन्होंने लिखा, राज्यों में केंद्र के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ अदर बैकवर्ड क्लासेज की ओर से 2017 से एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक ओबीसी छात्रों को अखिल भारतीय कोटा के तहत 11 हजार से ज्यादा सीटों पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मेडिकल संस्थाओं में आरक्षण नहीं दिया गया है। ओबीसी छात्रों को राज्य के चिकित्सा संस्थानों में आरक्षण न देना केंद्र सरकार के आदेश और 93वें संविधान संशोधन का उल्लंघन है।
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ऐसा योग्य ओबीसी छात्रों को चिकित्सा की पढ़ाई करने से रोकने जैसा है। सोनिया ने साथ ही केंद्र सरकार से समानता और सामाजिक न्याय को देखते हुए ओबीसी छात्रों के लिए राज्यों के मेडिकल शिक्षण संस्थानों और डेंटल कालेजों में आरक्षण बढ़ाने का अनुरोध किया।
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सोनिया ने पत्र में लिखा, केंद्र और सभी राज्यों के चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में अखिल भारतीय कोटा के तहत 15 फीसदी सीट अनुसूचित जाति, 7.5 फीसदी सीट अनुसूचित जनजाति और 10 फीसदी सीट आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित हैं। हालांकि ओबीसी छात्रों के लिए अखिल भारतीय कोटा की व्यवस्था केंद्रीय संस्थानों में प्रतिबंधित है।
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उन्होंने लिखा, राज्यों में केंद्र के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ अदर बैकवर्ड क्लासेज की ओर से 2017 से एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक ओबीसी छात्रों को अखिल भारतीय कोटा के तहत 11 हजार से ज्यादा सीटों पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मेडिकल संस्थाओं में आरक्षण नहीं दिया गया है। ओबीसी छात्रों को राज्य के चिकित्सा संस्थानों में आरक्षण न देना केंद्र सरकार के आदेश और 93वें संविधान संशोधन का उल्लंघन है।
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ऐसा योग्य ओबीसी छात्रों को चिकित्सा की पढ़ाई करने से रोकने जैसा है। सोनिया ने साथ ही केंद्र सरकार से समानता और सामाजिक न्याय को देखते हुए ओबीसी छात्रों के लिए राज्यों के मेडिकल शिक्षण संस्थानों और डेंटल कालेजों में आरक्षण बढ़ाने का अनुरोध किया।