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Sonam Wangchuk: 'हिंसा नहीं, सिर्फ शांति हमारा रास्ता', भूख हड़ताल के 26वें दिन सोनम वांगचुक ने क्या अपील की?

Thu, 23 Jul 2026 10:17 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 23 Jul 2026 10:17 PM IST
सार

Sonam Wangchuk Peace Appeal: जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल के 26वें दिन समर्थकों से हर हाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि भूख हड़ताल के 26वें दिन सोनम वांगचुक ने क्या कुछ कहा?
 

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Sonam Wangchuk Peace and Only Peace Is Our Way What Did He Appeal on 26th Day of His Hunger Strike
सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों से क्या अपील की? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल के 26वें दिन समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का रास्ता केवल अहिंसा का है और किसी भी हाल में हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए। वांगचुक ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण आंदोलन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने और किसी भी उकसावे में नहीं आने की अपील की।

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वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन अब भी शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, लेकिन उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि कुछ अन्य जगहों पर असामाजिक तत्व इस आंदोलन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मेरा रास्ता सिर्फ शांति और शांति है। वहीं, आगे उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ से चाहे जो भी किया जाए, हमारी प्रतिक्रिया सिर्फ फूलों के रूप में होनी चाहिए। कृपया हर हाल में इस परंपरा को बनाए रखें। उनका यह संदेश आंदोलन में शामिल लोगों से किसी भी उकसावे के बावजूद शांति बनाए रखने की अपील के रूप में देखा जा रहा है।
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सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने के लिए क्या चाहते हैं?

वांगचुक ने एक दिन पहले भी साफ किया था कि वह तब तक अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे, जब तक सरकार यह भरोसा नहीं देती कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों और छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग न करे। साथ ही उन्होंने मांग की कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई आरोप, एफआईआर या ऐसी कार्रवाई न हो, जिससे उन्हें पुलिस या जेल का डर दिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि अगर मुझे जल्द यह भरोसा मिल जाता है तो आपकी भावनाओं का सम्मान करते हुए मैं आज ही अपना अनशन तोड़ सकता हूं। लेकिन अगर ऐसा भरोसा नहीं मिला तो दुर्भाग्य से मुझे अपना भूख हड़ताल जारी रखना पड़ेगा।

मेदांता अस्पताल ने उनकी सेहत को लेकर क्या जानकारी दी?

मेदांता अस्पताल ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि सोनम वांगचुक की हालत स्थिर बनी हुई है। अस्पताल के अनुसार, उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम कर रही है। बयान में कहा गया, "श्री सोनम वांगचुक की स्थिति में कोई बदलाव नहीं है। वह पूरी तरह सतर्क हैं और उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य संकेत स्वीकार्य सीमा के भीतर हैं।" अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें दिया जा रहा पूरा इलाज उनकी सूचित सहमति के अनुसार किया जा रहा है। इससे पहले उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था।

अनशन के दौरान वांगचुक ने और क्या कहा?

  • बुधवार को साझा किए गए एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया था कि उन्होंने 25 दिन का उपवास पूरा कर लिया है और इस दौरान उनका 11 किलोग्राम वजन कम हो गया है। उन्होंने कहा, "मैं अभी भी जीवित हूं। यह मेरे उपवास का 25वां दिन है। अब तक मेरा 11 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और शरीर की मांसपेशियों का भी काफी नुकसान हुआ है। फिर भी मैं ठीक हूं।" 

  • उन्होंने 20 जुलाई को हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'चलो संसद' मार्च का भी जिक्र किया और पुलिस कार्रवाई के बावजूद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों की सराहना की। उन्होंने कहा, "लाठियां खाने के बाद भी छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उकसावे और पत्थरबाजी कराने की कोशिशों के बावजूद आपने धैर्य बनाए रखा। इससे मेरा दिल पिघल गया।" 

  • वांगचुक ने यह भी बताया कि कई मंत्रियों और विपक्ष के नेताओं ने, जिनमें 65 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र भी शामिल था, उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह भी अपना काम फिर से शुरू करना चाहते हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद ही वह अपना अनशन खत्म करेंगे।
     
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