सरकारी पक्षकार ने निर्भया के दोषियों को बताया 'राक्षस', बोले-भगवान का सिर भी शर्म से झुक गया होगा
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निर्भया मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इन दोषियों के प्रति शीर्ष विधि अधिकारी का गुस्सा फूट गया। दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए दिल्ली सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा।
तुषार मेहता ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, 'उस दिन एक निर्दोष को न बचा पाने और पांच राक्षसों को बनाने के लिए भगवान का सिर भी शर्म से झुक गया होगा।' जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ के समक्ष कहा कि कुछ अपराध ऐसे हैं, जिसमें मानवता भी रो पड़ती है और निर्भया केस ऐसा ही एक मामला है।
तुषार मेहता ने कहा, 'कुछ अपराध ऐसे हैं, जिसमें मानवता भी रो पड़ती है। उस दिन दो कारणों से भगवान का सिर भी शर्म झुक गया होगा। पहला एक निर्दोष लड़की को नहीं बचा पाना और दूसरा इन पांच राक्षसों को बनाने के लिए।' सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पहले ही फांसी की सजा सुनाई है। इसके खिलाफ अक्षय कुमार सिंह ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया।
सजा में देरी के कर रहे प्रयास
बहस के दौरान तुषार मेहता ने कहा कि चारों दोषी सजा को लागू करने में देरी करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। इनकी पुनर्विचार याचिका जितनी जल्दी हो सके खारिज की जाए, ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इनकी याचिका खारिज करने में दस मिनट से ज्यादा का समय लगना चाहिए।'