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सोहराबुद्दीन केस: शाह की रिहाई मामले में सीबीआई के खिलाफ याचिका दायर
एजेंसी, मुंबई
Updated Sat, 20 Jan 2018 05:51 AM IST
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amit shah
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मुम्बई के वकीलों की एक एसोसिएशन ने सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई के फैसले खिलाफ शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की। एसोसिएशन ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती नहीं देने के सीबीआई के फैसले के खिलाफ यह कदम उठाया है।
बॉम्बे एडवोकेट एसोसिएशन ने पीआईएल में हाईकोर्ट से सीबीआई को निर्देश देने का आग्रह किया है कि वह शाह को बरी करने के सेशन कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए एक समीक्षा याचिका दायर करे। याचिकाकर्ता के वकील अहमद अबिदी ने कहा कि अर्जी जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ के समक्ष 22 जनवरी को उल्लेख की जाएगी। याचिका में कहा गया है, ‘सीबीआई एक प्रमुख जांच एजेंसी है।
उसका सार्वजनिक कर्तव्य है कि वह अपने कार्यों से कानून के शासन का पालन करे जिसमें वह असफल हुई है।’ इसमें कहा गया है कि निचली अदालत ने इसी तरह से राजस्थान के दो पुलिस सब इंस्पेक्टर हिमांशु सिंह और श्याम सिंह चरण और गुजरात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एनके अमीन को भी बरी किया था।’ याचिकाकर्ता ने उल्लेख किया कि सीबीआई ने अदालत के इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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बॉम्बे एडवोकेट एसोसिएशन ने पीआईएल में हाईकोर्ट से सीबीआई को निर्देश देने का आग्रह किया है कि वह शाह को बरी करने के सेशन कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए एक समीक्षा याचिका दायर करे। याचिकाकर्ता के वकील अहमद अबिदी ने कहा कि अर्जी जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ के समक्ष 22 जनवरी को उल्लेख की जाएगी। याचिका में कहा गया है, ‘सीबीआई एक प्रमुख जांच एजेंसी है।
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उसका सार्वजनिक कर्तव्य है कि वह अपने कार्यों से कानून के शासन का पालन करे जिसमें वह असफल हुई है।’ इसमें कहा गया है कि निचली अदालत ने इसी तरह से राजस्थान के दो पुलिस सब इंस्पेक्टर हिमांशु सिंह और श्याम सिंह चरण और गुजरात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एनके अमीन को भी बरी किया था।’ याचिकाकर्ता ने उल्लेख किया कि सीबीआई ने अदालत के इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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