{"_id":"595269b54f1c1bd2138b46bc","slug":"social-worker-shabnam-hashmi-returned-the-award-after-beating-the-muslim-youth","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने लौटाया अवार्ड, मुस्लिमों पर लगातार हमले का लगाया आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने लौटाया अवार्ड, मुस्लिमों पर लगातार हमले का लगाया आरोप
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
शबनम हाशमी
- फोटो : the hindu
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने हाल ही में भीड़ द्वारा मुसलमानों को पीट-पीट कर मार डालने की नृशंस घटनाओं के विरोध में अपना राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार अवार्ड लौटा दिया। राजधानी दिल्ली में हाल ही में एक मुस्लिम युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। हाशमी को यह पुरस्कार साल 2008 में दिया था।
विज्ञापन
हाशमी ने कहा कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है। उन्होंने आयोग के चेयरपर्सन जी. हसन रिजवी के ‘निंदनीय बयानों’ पर भी निशाना साधा। एनसीएम के चेयरपर्सन रिजवी के उस बयान पर विवाद पैदा हो गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने वालों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए।
विज्ञापन
हाशमी ने आयोग को लिखे पत्र में कहा, ‘अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों पर हो रहे लगातार हमले व उनकी मौत और सरकार की ओर से निष्क्रियता, उदासीनता और इन हिंसक समूहों को मूक समर्थन के विरोध में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार पुरस्कार लौटा रहीं हूं।’ इससे पहल वह आयोग गई और अवार्ड व प्रशस्ति पत्र निदेशक टीएम सकारिया को सौंप दिया। उन्होंने चेयरपर्सन रिजवी से भी संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे।
विज्ञापन