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असल जिंदगी के 'शिवदत्त', नहीं होता है कोबरा के जहर का असर

Fri, 14 Sep 2018 12:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 14 Sep 2018 12:32 PM IST
Snake venom used for intoxication, PGI Chandigarh researching on two youths who takes snake bite
कोबरा के जहर से नशा - फोटो : Amar Ujala

आम तौर पर लोगों में सांप का नाम सुनते दहशत पैदा हो जाती है। और उस पर भी अगर कोई कह दे कि तुम्हारे बगल में सांप है तो शरीर में सिहरन सी दौड़ जाती है। यह सापों को लेकर हमारे मन का डर है। लेकिन सच्चाई भी यही है कि किंग कोबरा के एक बार डंसने से जितना जहर निकलता है उससे 20 लोगों की मौत हो सकती है या एक हाथी तक मर सकता है। लेकिन राजस्थान को दो युवक अपनी जीभ पर कोबरा से डंसवाते हैं ताकि उन्हें नशा हो सका। बता दें कि अब इन पर कोई अन्य नशा काम नहीं करता है जिसके बाद अब नशे के लिए ये कोबरा सांप से खुद को डंसवाते हैं। चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रीसर्च संस्थान के वैज्ञानिकों अब इन दोनों युवकों पर शोध कर रहे हैं। 



संस्थान में नशा-मुक्ति सेंटर के वैज्ञानिक हैरान हैं। इन दोनों युवकों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट इंडियन जर्नल ऑफ साइकोलॉजिकल मेडिसिन में छप चुकी है। संस्थान के डॉक्टर असीम मेहरा, डॉ. देबाशीष बासु और डॉ. संदीप ग्रोवर ने 'स्नेक वेनम यूज ऐज ए  सब्सिटिट्यूट फॉर ओपिऑइड्स: अ केस रिपोर्ट एंड रिव्यू ऑफ लिटरेचर' के नाम से इस अध्ययन को  किया।


डॉ. ग्रोवर ने बताया कि इस अध्ययन का मकसद मेडिकल पेशे से जुड़े लोगों को इस बारे में अवगत कराना था कि ऐसा नशे के लिए किए जाता है क्योंकि मेडिकल अध्ययन में इस बारे में कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है। 

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सांप से डंसवाने के एक घंटे बाद इन्हें आता था 'आनंद'

Snake venom used for intoxication, PGI Chandigarh researching on two youths who takes snake bite
Cobra snake bite

संस्थान के डॉ. विकास सूरी ने बताया कि ऐसे मामले कम आने के कारण यह पता लगाना मुश्किल है कि जहर का असर ये लोग झेल जाते हैं। इसका कारण पता लगाने के लिए ज्यादा मामलों पर शोध करना होगा। डॉ. ग्रोवर ने बताया कि भारत से अभी सांप के जहर से नशा करने वाली चार रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं। 

सांप से कटवाकर एक घंटे तक हो जाते थे सुन्न 

डॉक्टरों ने बताया कि यह दोनों युवक राजस्थान के रहने वाले हैं और दोनों संपन्न परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। यह 15 साल से ऑपिऑइड (नशीले पदार्थ) पर का सेवन कर रहे हैं और उसके आदी हो चुके हैं। बताया गया है कि दोनों सपेरों के पास जाकर जीभ पर खुद को डंसवाते थे।

सांप के काटे जाने के बाद पहले उन्हें झटके लगते थे, सब धुंधला होता था और करीब 1 घंटे के लिए वे सुन्न हो जाते थे लेकिन जागने के बाद उन्हें बेहद अच्छा लगता था। वे कहते थे कि यह शराब या दूसरे नशों से भी ज्यादा असरदार था। शोध के मुताबिक जहर का इस्तेमाल करने वाले लोगों को '3-4 हफ्तों तक खुशी, महानता का एहसास और काफी ज्यादा नींद महसूस होती है।' 

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