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वरदान: किसान रेल से फूल की खेती करने वाले छोटे काश्तकारों को व्यापार में भारी मुनाफा, आय हुई दोगुनी

Sun, 14 Mar 2021 12:42 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 14 Mar 2021 12:42 AM IST
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Small farmers get huge profit in trade from who cultivate flowers by kisan rail
किसान रेल - फोटो : social media

महाराष्ट्र में फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए कोरोना काल में चलाई गई किसान रेल वरदान साबित हुई है। इससे मराठवाड़ा के लातूर, उस्मानाबाद और आसपास के इलाकों में फूलों की खेती करने वाले छोटे किसानों की आय दोगुनी हो गई जिससे उनके जीवन में नई खुशहाली आई है।

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बीते 9 मार्च को लातूर और उस्मानाबाद क्षेत्र के छोटे ग्रीन हाउस किसानों ने कुर्दुवाडी स्टेशन से आदर्श नगर दिल्ली तक किसान रेल में 650 किलोग्राम फूल लादा गया। ये फूल उस्मानाबाद जिले के पडोली, वाघोली, टेर, पनवाड़ी और उपला गाँव और लातूर जिले के मुरुड में उगाए गए थे। महाराष्ट्र में इन इलाकों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों के रूप में जाना जाता है। एक-दो एकड़ जमीन वाले छोटे काश्तकारों ने पहली बार कुर्दुवाडी स्टेशन से आदर्श नगर, दिल्ली तक किसान रेल में फूलों का लदान किया, जिससे ये फूल नए बाज़ार में पहुंचे, परिणाम स्वरूप उनकी आय में वृद्धि हुई है।
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मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ए. के. सिंह न बताया कि किसान रेल के माध्यम से सबसे अधिक खराब होने वाले फूलों के त्वरित और सस्ते परिवहन के साथ नए बाजार तक पहुंचने किसानों को अधिक कीमत मिलती है। किसान रेल, तेजी से परिवहन, सुरक्षित वितरण और पेरिशेबल्स को शून्य अपव्यय के साथ बड़े और दूर के बाजारों तक अधिक पहुंच को सक्षम करके छोटे-छोटे किसानों को सशक्त बनाया है, जिससे उनकी आय दोगुनी हो गई है।
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उस्मानाबाद जिले के दुमला निवासी किसान श्रीधर भीमराव काले के अनुसार किसान रेल के माध्यम से दिल्ली के बाजार में फूलों को अब जल्दी और कम लागत पर पहुँचाया जाता है जिसका अच्छा भाव मिलता है। वहीं, लातूर जिले के मुरुड गांव के एक किसान बिभीशन नाडे भी किसान रेल से बेहद खुश हैं।

मध्य रेल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसान रेल महाराष्ट्र के किसानों के जीवन में खुशहाली ला रही है, जिससे उन्हें पेरिशेबल सामान (फल और सब्जियां) की निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला और साथ ही सोलापुर, अहमदनगर, कलबुरगि से इस महामारी के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने में सक्षम बनाया गया है।



लातूर, उस्मानाबाद, नासिक, जलगाँव, अमरावती और महाराष्ट्र के नासिक जिले उत्तर भारत के विभिन्न नए बाजारों और दिल्ली एनसीआर, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र जैसे पूर्वी भागों में 12 मार्च 2021 तक, महाराष्ट्र से 61,252 टन पेरीशबल्स खेत की उपज किसान रेल की 200 ट्रिप्स के माध्यम  परिवहन किया गया था, जिससे बड़ी संख्या में सीमांत किसान लाभान्वित हुए हैं।

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