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Railways: दिल्ली से इन तीन शहरों के लिए शुरू हो सकती है स्लीपर वंदे भारत; जानें कब होगी शुरू,क्या होगा किराया
Mon, 08 Sep 2025 07:23 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 08 Sep 2025 07:23 PM IST
सार
रेलवे दिवाली तक देश की बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। रेलवे राजधानी दिल्ली से भोपाल, अहमदाबाद और पटना के रूट पर स्लीपर वंदे भारत शुरू करने की तैयारी में है।
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वंदे भारत सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन
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विस्तार
त्योहारी सीजन पर भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है। रेलवे दिवाली तक देश की बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। रेलवे राजधानी दिल्ली से भोपाल, अहमदाबाद और पटना के रूट पर स्लीपर वंदे भारत शुरू करने की तैयारी में है। हाई-स्पीड और आरामदायक सफर का वादा करने वाली ये ट्रेनें न सिर्फ यात्रा का समय घटाएंगी, बल्कि रातभर के सफर को भी पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक बना देंगी। यह पहला मौका है जब वंदे भारत ट्रेन को स्लीपर कोच के साथ चलाया जाएगा, जिससे यात्री रात भर के सफर का आराम से मज़ा ले सकेंगे। रेल मंत्रालय ने पहले बताया था कि इस साल के शुरू में अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा मुंबई-अहमदाबाद खंड में 540 किलोमीटर की दूरी के लिए सेमी हाई-स्पीड ट्रेन का परीक्षण किया जा चुका है।
भारतीय रेलवे सूत्रों का कहना है कि, प्रयागराज और वाराणसी होते हुए पटना के लिए जो वंदे भारत ट्रेन चलेगी, वह साढ़े 11 घंटे में पहुंचाएगी। आमतौर पर इस रूट पर 13 से 17 घंटे तक का वक्त लगता है। यह ट्रेन 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति से चलकर लंबी दूरी के सफर के समय को आधा कर देगी। प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर पटना से रात को 8 बजे रवाना होगी और सुबह 7:30 बजे दिल्ली आ जाएगी। इसी तरह दिल्ली से पटना के लिए भी टाइमिंग रहेगी।
सूत्रों का कहना है कि, रेलवे सितंबर के अंत में ही इन ट्रेनों का ऐलान कर सकता है। अक्तूबर की शुरुआत में कभी भी इस ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है। वहीं, दिल्ली से अहमदाबाद, भोपाल और पटना जैसे रूट काफी लंबे पड़ते हैं और एक रात से ज्यादा का समय इनमें लग जाता है। ऐसे में यात्रियों की डिमांड को देखते हुए रेलवे इन शहरों से भी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन शुरु करने जा रहा है। हाल ही में रेल मंत्री ने राज्यसभा में बताया था कि, लंबी और मध्यम दूरी की यात्राओं के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की योजना बनाई गई है। भारतीय रेलवे द्वारा निर्मित की जाने वाली ट्रेनों के डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। रेल मंत्री ने कहा था कि बहुत जल्द वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च हो सकती है।
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देश में अब तक जो वंदे भारत चल रही हैं, वे सभी चेयर कार सर्विस वाली हैं। इन्हें दिन के वक्त में ही चलाया जा रहा है। लेकिन अब रात भर के सफर के लिए स्लीपर वंदे भारत चलाई जाएंगी। इससे लोगों का समय बचेगा और वे रात भर में ही सुविधाजनक सफर करते हुए दिल्ली से 1000 किलोमीटर या उससे भी दूर का सफर तय कर सकेंगे। सूत्रों का कहना है इन ट्रेनों का किराया राजधानी एक्सप्रेस के बराबर या इससे ज्यादा होने की उम्मीद है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इनमें सीसीटीवी कैमरे, जानकारी और मनोरंजन के लिए एलईडी स्क्रीन, सेंसर के साथ स्वचालित दरवाजे, आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली और ऑनबोर्ड घोषणा सुविधाएं शामिल हैं। इस ट्रेन का इंटीरियर में विमान से प्रेरित डिजाइन है, जो यात्रियों को प्रीमियम यात्रा अनुभव देता है। रेलवे के अनुसार, चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने पिछले साल 17 दिसंबर को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का निर्माण पूरा कर लिया था। इस ट्रेन में यात्रियों के लिए तीन श्रेणियों- एसी प्रथम, एसी द्वितीय और एसी तृतीय श्रेणी जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिनकी क्षमता 1128 यात्रियों की होगी। इसमें क्रैश बफर्स, डिफॉर्मेशन ट्यूब, अग्नि अवरोधक दीवार, स्वचालित दरवाजे, गद्देदार बर्थ और ऑनबोर्ड वाई-फाई की सुविधा भी होगी।
50 वंदे भारत का हो रही है तैयार
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। आईसीएफ द्वारा 50 वंदे भारत स्लीपर रैक के अतिरिक्त उत्पादन का कार्य भी शुरू किया गया है। इसके अलावा, 200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण का ठेका भी प्रौद्योगिकी भागीदारों को दिया गया है, जिसमें से 16 डिब्बों वाली 120 ट्रेनों की आपूर्ति की जानी है। यह मूल अनुबंध समझौते के अनुसार है।
सरकार के अनुसार, वंदे भारत सहित कोच का डिजाइन और निर्माण भारतीय रेलवे में एक सतत प्रक्रिया है और इसे परिचालन और यातायात आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है। इसी बीच रेल मंत्रालय ने यात्रियों की भीड़ वाले रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के डिब्बों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। अपनी आधुनिक तकनीक, आरामदायक यात्रा और समय की पाबंदी के कारण देशभर में लोकप्रिय हो चुकी वंदे भारत अब ज्यादा क्षमता के साथ यात्रियों को सेवा प्रदान करेगी।
रेलवे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 की समीक्षा और यात्रा भार (ऑक्यूपेंसी) के आंकड़ों के आधार पर लिए गए निर्णय के अनुसार, 16 कोच वाली तीन वंदे भारत ट्रेनों को 20 कोच में बदला जाएगा। इसके साथ ही, 8 कोच वाली 4 वंदे भारत ट्रेनों को 16 कोच में अपग्रेड किया जाएगा। इस बदलाव के बाद, कुल तीन 20 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन उपलब्ध होंगी।
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भारतीय रेलवे सूत्रों का कहना है कि, प्रयागराज और वाराणसी होते हुए पटना के लिए जो वंदे भारत ट्रेन चलेगी, वह साढ़े 11 घंटे में पहुंचाएगी। आमतौर पर इस रूट पर 13 से 17 घंटे तक का वक्त लगता है। यह ट्रेन 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति से चलकर लंबी दूरी के सफर के समय को आधा कर देगी। प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर पटना से रात को 8 बजे रवाना होगी और सुबह 7:30 बजे दिल्ली आ जाएगी। इसी तरह दिल्ली से पटना के लिए भी टाइमिंग रहेगी।
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सूत्रों का कहना है कि, रेलवे सितंबर के अंत में ही इन ट्रेनों का ऐलान कर सकता है। अक्तूबर की शुरुआत में कभी भी इस ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है। वहीं, दिल्ली से अहमदाबाद, भोपाल और पटना जैसे रूट काफी लंबे पड़ते हैं और एक रात से ज्यादा का समय इनमें लग जाता है। ऐसे में यात्रियों की डिमांड को देखते हुए रेलवे इन शहरों से भी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन शुरु करने जा रहा है। हाल ही में रेल मंत्री ने राज्यसभा में बताया था कि, लंबी और मध्यम दूरी की यात्राओं के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की योजना बनाई गई है। भारतीय रेलवे द्वारा निर्मित की जाने वाली ट्रेनों के डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। रेल मंत्री ने कहा था कि बहुत जल्द वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च हो सकती है।
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देश में अब तक जो वंदे भारत चल रही हैं, वे सभी चेयर कार सर्विस वाली हैं। इन्हें दिन के वक्त में ही चलाया जा रहा है। लेकिन अब रात भर के सफर के लिए स्लीपर वंदे भारत चलाई जाएंगी। इससे लोगों का समय बचेगा और वे रात भर में ही सुविधाजनक सफर करते हुए दिल्ली से 1000 किलोमीटर या उससे भी दूर का सफर तय कर सकेंगे। सूत्रों का कहना है इन ट्रेनों का किराया राजधानी एक्सप्रेस के बराबर या इससे ज्यादा होने की उम्मीद है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इनमें सीसीटीवी कैमरे, जानकारी और मनोरंजन के लिए एलईडी स्क्रीन, सेंसर के साथ स्वचालित दरवाजे, आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली और ऑनबोर्ड घोषणा सुविधाएं शामिल हैं। इस ट्रेन का इंटीरियर में विमान से प्रेरित डिजाइन है, जो यात्रियों को प्रीमियम यात्रा अनुभव देता है। रेलवे के अनुसार, चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने पिछले साल 17 दिसंबर को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का निर्माण पूरा कर लिया था। इस ट्रेन में यात्रियों के लिए तीन श्रेणियों- एसी प्रथम, एसी द्वितीय और एसी तृतीय श्रेणी जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिनकी क्षमता 1128 यात्रियों की होगी। इसमें क्रैश बफर्स, डिफॉर्मेशन ट्यूब, अग्नि अवरोधक दीवार, स्वचालित दरवाजे, गद्देदार बर्थ और ऑनबोर्ड वाई-फाई की सुविधा भी होगी।
50 वंदे भारत का हो रही है तैयार
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। आईसीएफ द्वारा 50 वंदे भारत स्लीपर रैक के अतिरिक्त उत्पादन का कार्य भी शुरू किया गया है। इसके अलावा, 200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण का ठेका भी प्रौद्योगिकी भागीदारों को दिया गया है, जिसमें से 16 डिब्बों वाली 120 ट्रेनों की आपूर्ति की जानी है। यह मूल अनुबंध समझौते के अनुसार है।
सरकार के अनुसार, वंदे भारत सहित कोच का डिजाइन और निर्माण भारतीय रेलवे में एक सतत प्रक्रिया है और इसे परिचालन और यातायात आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है। इसी बीच रेल मंत्रालय ने यात्रियों की भीड़ वाले रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के डिब्बों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। अपनी आधुनिक तकनीक, आरामदायक यात्रा और समय की पाबंदी के कारण देशभर में लोकप्रिय हो चुकी वंदे भारत अब ज्यादा क्षमता के साथ यात्रियों को सेवा प्रदान करेगी।
रेलवे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 की समीक्षा और यात्रा भार (ऑक्यूपेंसी) के आंकड़ों के आधार पर लिए गए निर्णय के अनुसार, 16 कोच वाली तीन वंदे भारत ट्रेनों को 20 कोच में बदला जाएगा। इसके साथ ही, 8 कोच वाली 4 वंदे भारत ट्रेनों को 16 कोच में अपग्रेड किया जाएगा। इस बदलाव के बाद, कुल तीन 20 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन उपलब्ध होंगी।