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यहां दूल्हे के बिना होती है शादी, बहनें निभाती हैं सारी रस्में
Sun, 26 May 2019 11:36 AM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Sun, 26 May 2019 11:36 AM IST
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दूल्हे की जगह उसकी बहन करती है दुल्हन से शादी
- फोटो : ANI
गुजरात के तीन गांवों में रहने वाले आदिवासी परिवार शादी के दौरान एक अनोखी परंपरा को निभाते हैं। ये एक ऐसी परंपरा है, जिसमें दूल्हे के बिना ही शादी संपन्न की जाती हैं।
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गुजरात के तीन गांवों में रहने वाले आदिवासी परिवार शादी के दौरान एक अनोखी परंपरा को निभाते हैं। ये एक ऐसी परंपरा है, जिसमें दूल्हे के बिना ही शादी संपन्न की जाती हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
ये तीन गांव हैं, सुरखेदा, सनादा और अंबल। यहां दूल्हे की अविवाहित बहन या फिर उसके परिवार की कोई भी अविवाहित लड़की उसकी जगह शादी की रस्में निभाती है। दूल्हा अपनी मां के साथ घर पर ठहरता है, और उसकी बहन बारात लेकर दुल्हन के घर जाती है। वहां जाकर वह शादी करती है और फिर अपने साथ दुल्हन को घर लेकर आती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
सुरखेदा गांव की स्थानीय निवासी कांजीबाई राथवा का कहना है, "जो भी रस्में एक दूल्हे को करनी होती हैं, वो सब उसकी बहन करती है। वह अपने भाई की जगह खुद दुल्हन के साथ 'मंगल फेरे' लेती है। ये माना जाता है कि अगर हम इसका पालन नहीं करेंगे तो कुछ नुकसान होगा।"
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
सुरखेदा गांव के प्रमुख रामसिंह भाई राथवा का कहना है कि जब भी लोग इस परंपरा को नहीं निभाते, तो उनके साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं होने लगती हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
उन्होंने बताया, "थोड़े समय के लिए कुछ लोगों ने इस परंपरा का पालन ना करने का फैसला लिया और ऐसे में देखा गया कि या तो उनकी शादी टूट जाती, या परिवार में कुछ ठीक नहीं चलता या फिर कई अन्य तरह की परेशानियां आने लगती हैं।"
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File photo
हालांकि दूल्हा शादी में शेरवानी और साफा पहनता है। साथ ही वह परंपरा के अनुसार हाथ में तलवार भी लेता है लेकिन अपनी ही शादी में शिरकत नहीं करता।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : File Pic