फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   sikkim flood affected people said animal carcasses utensil flown in water tales of people

Sikkim Flood: बाढ़ में जानवरों के शव और घर का सामान बह रहा, जानिए बाढ़ प्रभावित लोगों की दास्तां

Thu, 05 Oct 2023 12:45 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 05 Oct 2023 12:45 PM IST
सार

महिला ने बताया कि वह सभी प्रार्थना कर रहे थे कि उनके घर बच जाएं। गुरुवार को नदी का जलस्तर कम हुआ तो लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में लोग आश्रय स्थलों में फंसे हैं।

विज्ञापन
sikkim flood affected people said animal carcasses utensil flown in water tales of people
सिक्किम बाढ़ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सिक्किम में तीस्ता नदी में आई बाढ़ का पानी कम हो गया है लेकिन यह अपने साथ तबाही के निशान छोड़ गया है। इस तबाही में कई लोगों की जान चली गई और मकान-दुकान तबाह हो गए। बड़ी संख्या में लोग अभी भी विभिन्न इलाकों में फंसे हुए हैं। सिलिगुड़ी के मातिगारा में रहने वाली मिष्टी हलदर जब बुधवार की सुबह सोकर उठी तो उसने देखा कि तीस्ता नदी उसके घर के आंगन के पास से बह रही है। आमतौर पर यह नदी मिष्टी के घर से ढाई सौ मीटर की दूरी पर बहती है। नदी के पानी के साथ जानवरों के शव और घरों के सामान भी बह रहे थे। 
विज्ञापन


बाढ़ प्रभावितों ने सुनाई दास्तां
मिष्टी हलदर ने बताया कि नदी बारिश और बाढ़ के चलते उफान पर आ गई और इसके तेज बहाव में कई मकान, सेना और पर्यटकों के कैंप तबाह हो गए। मिष्टी ने बताया कि पुलिस ने उन्हें और उनके आसपास रहने वाले लोगों को नजदीक के आश्रय स्थल पहुंचाया और सबकुछ इतना जल्दी हुआ कि वह सिर्फ एक सूटकेस अपने साथ ले जा सके। महिला ने बताया कि वह सभी प्रार्थना कर रहे थे कि उनके घर बच जाएं। गुरुवार को नदी का जलस्तर कम हुआ तो लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में लोग आश्रय स्थलों में फंसे हैं। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यटक सिक्किम में फंसे
पर्यटकों का एक समूह कोलकाता से मोटसाइकिल ट्रैकिंग कर सिक्किम के सिंगतेम पहुंचा था लेकिन बाढ़ के चलते नेशनल हाइवे 10 के बह जाने से वह सिक्किम में ही फंस गए हैं। एक मजदूर रमाकांत यादव समेत कई लोग सिक्किम रेलवे स्टेशन पर फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह जिस ठेकेदार के सहारे सिक्किम पहुंचे थे, वह भी मदद नहीं कर पा रहा है क्योंकि खुद उसका घर बाढ़ में तबाह हो गया है। मजदूरों ने बताया कि अब उनके पास पैसे भी नहीं बचे हैं और अगर जल्द ही कुछ मदद नहीं मिली तो उन्हें बिना काम के ही वापस लौटना पड़ेगा। 

100 से ज्यादा लोग अभी भी लापता
बता दें कि सिक्किम की बाढ़ में अब तक 14 लोगों की मौत की खबर है और 100 से ज्यादा लोग अभी तक लापता हैं। सिक्किम के चुंगथांग, दिकाचु, सिंगताम, रांगपो से लोग लापता है। इस प्राकृतिक आपदा में 20 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य में तीन हजार पर्यटकों के फंसे होने की आशंका है। सेना के 23 लापता जवानों में से एक को बचा लिया गया है, बाकी अभी भी लापता हैं। दरअसल मंगलवार की रात करीब 10.42 बजे बादल फटने से लोहांक झील में बाढ़ आ गई। इससे झील के तटबंध टूट गए और पानी अपने रास्ते में आई हर चीज को बहाकर ले गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed