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कपिल सिब्बल बोले- आईसीयू में है अर्थव्यवस्था, स्वतंत्रता को बचाने की जरूरत
Fri, 23 Aug 2019 10:36 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 23 Aug 2019 10:36 AM IST
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कपिल सिब्बल (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में है और मोदी सरकार ने उन सभी लोगों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है जो नागरिक स्वतंत्रता का बचाव कर रहे हैं। उनका सरकार द्वारा लुक आउट नोटिस जारी करने का मतलब पी चिदंबरम में था।
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जिनके खिलाफ जांच एजेंसी ने नोटिस जारी किया था और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार को सीबीाई ने राउज ऐवेन्यू अदालत ने पूर्व गृह और वित्त मंत्री को पेश किया। जहां से उन्हें आईएनएक्स मीडिया में हुए भ्रष्टाचार के मामले में 26 अगस्त तक के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया है। सिब्बल अदालत में चिदंबरम की तरफ से पेश हुए।
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उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, 'पिछले कुछ हफ्तों की घटनाओं से पता चला है कि अर्थव्यवस्था और स्वतंत्रता दोनों को बचाने की आवश्यकता है। देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में हैं और सरकार उन लोगों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर रही है जो नागरिक स्वतंत्रता का बचाव कर रहे हैं।'
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The events of the last few weeks have shown that both , the economy and the cause of liberty , need a stimulus package . The economy is in ICU and government has issued a “ look out notice “ for all those defending civil liberties .
— Kapil Sibal (@KapilSibal) August 23, 2019
इससे पहले कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर कहा, 'कानूनी बिरादरी के सदस्यों के तौर पर यह हमारे लिए बहुत चिंता की बात है। नागरिकों के लिए भी यह चिंता का विषय होना चाहिए। सिब्बल ने इशारों-इशारों में सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाए और कहा कि हम केवल सुनवाई चाहते थे लेकिन पीठासीन न्यायाधीश ने सुनवाई के बदले कहा कि वह मामले की फाइल को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज रहे हैं। क्या किसी नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है।'
सिब्बल ने आगे कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट हैंडबुक के मुताबिक सीजेआई संवैधानिक बेंच में बिजी हैं तो नियम यह है कि दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश इसकी सुनवाई करें। हमें अपना अधिकार नहीं मिला। रजिस्ट्रार ने बताया कि चीफ जस्टिस शाम 4 बजे इस पर सुनवाई करेंगे। 4 बजे सुनवाई का समय ही नहीं बचता है।