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SI की मौत मामला: कर्नाटक सरकार ने परिवार के जख्म लगाई मरहम, 50 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देने का एलान

Thu, 08 Aug 2024 02:18 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 08 Aug 2024 02:18 PM IST
सार

सूबे में सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक विधायक इस विवाद की जद में आते दिखाई दे रहे हैं। मृतक पुलिस सब इंस्पेक्टर परशुराम की पत्नी श्वेता ने कांग्रेस विधायक चेन्नारेड्डी पाटिल तुन्नूर पर उनके पति को मानसिक रूप से परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है।

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SI's death: Karnataka Minister announces Rs 50 lakh ex-gratia, govt job to wife News in hindi
कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर - फोटो : ANI (फाइल फोटो)

विस्तार

कर्नाटक के यादगीर जिले में युवा पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) परशुराम की रहस्यमय हालात में मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि अब राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने एसआई की पत्नी को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने सीबीआई जांच से इनकार कर दिया है। गृह मंत्री ने कहा कि एसआई की मौत की सीआईडी जांच काफी है।

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सूबे में सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक विधायक इस विवाद की जद में आते दिखाई दे रहे हैं। मृतक पुलिस सब इंस्पेक्टर परशुराम की पत्नी श्वेता ने कांग्रेस विधायक चेन्नारेड्डी पाटिल तुन्नूर और उनके बेटे पंपानागौड़ा तन्नूर पर उनके पति को मानसिक रूप से परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। श्वेता ने कांग्रेस विधायक और उनके बेटे पर आरोप लगाया कि वे उनके पति का ट्रांसफर रोकने के लिए 30 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। सात महीने के अंदर ही उनके पति का ट्रांसफर कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मांग के कारण परशुराम परेशान थे। इसलिए उन्होंने आत्महत्या कर ली।
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गृहमंत्री ने परिवार से मुलाकात की
गृहमंत्री ने कोप्पल जिले के सोमनाल गांव में शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। बाद में पत्रकारों से भी बात करते हुए परमेश्वर ने पुलिसकर्मी की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम उन्हें वापस नहीं ला सकते, लेकिन परिवार को सांत्वना देना मेरा कर्तव्य है। यह मेरे लिए भी नुकसान है। वह दलित समुदाय के एक ईमानदार अधिकारी थे। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। 
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नौकरी की पेशकश की
मंत्री परमेश्वर ने कहा, 'हमने इलेक्ट्रिकल स्ट्रीम में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट उनकी पत्नी को अपने विभाग में नौकरी की पेशकश की है, लेकिन उन्होंने गुलबर्ग इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (गेस्कोम) में नौकरी मांगी है। मैं मुख्यमंत्री के साथ इस पर चर्चा करूंगा। हमारे विभाग और राज्य सरकार ने परिवार को विशेष अनुदान के रूप में 50 लाख रुपये देने का फैसला किया है।'

गृह मंत्री ने सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'हम यह मामला सीबीआई को नहीं देंगे। हम उन्हें (एसआई के परिवार को) न्याय देंगे, जो उनकी मांग है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।' 

पैसे लेकर तबादले नहीं होते
परमेश्वर ने जोर देकर कहा कि पुलिस विभाग में पैसे लेकर तबादले नहीं होते हैं। मंत्री के अनुसार, एक कानून पहले से ही लागू है जो पोस्टिंग के दो साल बाद ही तबादले को अनिवार्य बनाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी का तबादला होता है तो उनके पास कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केएटी) से संपर्क करने और स्थगन प्राप्त करने का विकल्प होता है।

परशुराम के संबंध में मंत्री ने कहा कि उन्हें तैनाती मिलने के सात महीने के भीतर स्थानांतरित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उपनिरीक्षकों का तबादला पुलिस महानिरीक्षक के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में। उन्होंने कहा, 'सीआईडी इस बात की जांच करेगी कि आईजी ने दो साल पूरे होने से पहले उनका तबादला क्यों किया।'

एसआई की मौत ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है क्योंकि भाजपा और जेडीएस ने कांग्रेस सरकार पर एससी/एसटी समुदाय के ईमानदार अधिकारियों की जान लेने का आरोप लगाया है। 


वक्फ बिल को लेकर कर्नाटक के सीएम ने एनडीए सरकार को घेरा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को एनडीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले कानून में संशोधन करने की योजना अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। विधेयक में मौजूदा अधिनियम में दूरगामी बदलाव का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें ऐसे निकायों में मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना शामिल है।

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