फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Shujaat Bukhari murdered by Pakistan with full planning

पाकिस्तान ने सुनियोजित तरीके से कराई बुखारी की हत्या, ऐसे हुआ खुलासा

Sat, 16 Jun 2018 11:48 AM IST
गुंजन कुमार, नई दिल्ली
गुंजन कुमार, नई दिल्ली Updated Sat, 16 Jun 2018 11:48 AM IST
विज्ञापन
Shujaat Bukhari murdered by Pakistan with full planning

क्या राइजिंग कश्मीर के एडीटर शुजात बुखारी को कश्मीर पर पाकिस्तान के दृष्टिकोण से इतर जाने की कीमत चुकानी पड़ी? खुफिया एजेंसियों के शुरुआती आंकलन में यह बात सामने आ रही है। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे ट्रैक-2 बातचीत का हिस्सा रहे बुखारी ने हाल के दिनों में कश्मीर का भविष्य भारत के साथ सुरक्षित होने की बात कई मौकों पर कही थी। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान ने कश्मीर पर बेबाक राय रखने वाले असरकारक शख्स की सनसनीखेज हत्या करवा कर घाटी में बन रही कई सकारात्मक संभावनाओं को खत्म कर दिया।

विज्ञापन

  
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि बुखारी दुबई और इस्तांबुल में ट्रैक-2 की बातचीत में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी राय रखी थी कि कश्मीरी आवाम भारत के साथ रह कर ही अपने अच्छे भविष्य की कल्पना कर रहा है। हालांकि बुखारी कई मंचों पर कश्मीर में केंद्र सरकार की कई नीतियों की निंदा भी कर चुके हैं। लेकिन कश्मीर को भारत के साथ ही रहने की हिमायत करते रहे थे।
विज्ञापन

   
सूत्रों ने बताया कि बुखारी की हत्या कोई आम आतंकी घटना नहीं थी बल्कि वह काफी सुनियोजित तरीके से की गई है। सीसीटीवी में कैद मोटर साईकिल सवार तीन लड़के लाल चौक के आसपास ही इंतजार कर रहे थे। जब बुखारी प्रेस एनक्लेव से करीब सात बजे निकले तो वहीं मौजूद किसी शख्स ने आतंकियों को उनके निकलने की सूचना दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

लश्कर के लोग भारत की हिमायत करने वाले नामचीन लोगों को अपना निशाना बनाते हैं

Shujaat Bukhari murdered by Pakistan with full planning

पांच से दस मिनट के भीतर मोटर साइकिल सवार आए और पिस्तौल से पहले सुरक्षा गार्डों को मारा। फिर एके-47 की गोलियों से बुखारी को छलनी कर दिया। सूत्रों का कहना है कि यह पाकिस्तानी आकाओं के इशारों पर चलने वाले घाटी में रह रहे लश्कर-ए-तैयबा के गुर्गों का काम है। लश्कर के ऐसे लोग घाटी में भारत की हिमायत करने वाले नामचीन लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। 
 
सूत्रों के मुताबिक केंद्र रमजान के दौरान सीजफायर की अवधि बढा कर अलगाववादियों को बातचीत के टेबल पर लाने की गंभीर कोशिश में जुटा था। अब बुखारी की हत्या के बाद यह संभावना बिल्कुल ही खत्म होती दिख रही है। अब अलगाववादियों के बातचीत में यकीन रखने वाला धड़ा भी चुप्पी लगाकर बैठ जाएगा।
  
सूत्रों के मुताबिक इससे पहले घाटी में मौजूद पाकिस्तान के गुर्गों ने अलगाववादी नेता अब्दुल गनी लोन की हत्या भी इसी वजह से की थी। 90 के दशक की शुरुआत में लोग शुजात बुखारी की ही तरह कश्मीर का भविष्य भारत के साथ होने की तरफदारी करने लगे थे। सूत्रों के मुताबिक उस घटना के बाद मौत के डर से अलगाववादी लगातार पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed