'पद्मावती' का नाम बदलें या हमें प्रिव्यू दिखाएंः करणी सेना
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निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर राजपूत समाज से चल रहे विवाद के बीच करणी सेना ने शर्त रखी है कि भंसाली फिल्म ‘पद्मावती’ का नाम बदल दें या प्रदर्शन से पहले फिल्म का प्रिव्यू हमें दिखाया जाए। इधर, भंसाली की ओर से राजपूत समाज को भेजे गए पत्र में कहा गया कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और पद्मावती के बीच किसी भी तरह से प्रेम प्रसंग नहीं दिखाया गया है।
पत्र में दावा भी किया गया है कि फिल्म में पद्मावति को देखकर मेवाड़ और राजपूत फिल्म देखने के बाद गर्व करेंगे। हालांकि भंसाली और करणी सेना के बीच फिलहाल किसी तरह की सुलह नहीं हुई है।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि भंसाली की ओर से हमें सम्पर्क किया गया है। अजीत सिंह के अनुसार हमने भंसाली को कहा है कि फिल्म बनने के बाद पहले हमें प्रिव्यू दिखाया जाए, यदि फिल्म में आपत्तिजनक नहीं है, तो उसके प्रदर्शन से हमें कोई परेशानी नहीं होगी। हमने ये भी कहा है कि वे फिल्म व पात्र का नाम बदल देते हैं, तो फिर कोई विवाद नहीं रहेगा।
भंसाली ने पत्र लिख करणी सेना से मांगा सहयोग
अजीत सिंह ने कहा कि, भंसाली ने पत्र में हमारा साथ मांगा है कि फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं होगा। फिल्म काफी शोध के बाद बनाई जा रही है। किसी की भावनाओं को आहत करने की कोई मंशा नहीं है। इस कारण समाज और स्थानीय लोग फिल्म बनाने दें, जिससे उनकी रानी को पूरी दुनिया जान सके। भंसाली ने पत्र में ये विश्वास दिलाने की बात भी कही है कि फिल्म के निर्माण में किसी तरह की बाधा न पहुंचाई जाए और न ही क्रू सदस्यों के साथ दुर्वयव्हार हो।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व जयपुर में फिल्म शूटिंग के दौरान करणी सेना ने भंसाली और क्रू सदस्यों के साथ मारपीट की थी। सेट और मशीनों के साथ भी तोड़ फोड़ की गई थी।
इसके बाद यहां शूटिंग स्थगित कर भंसाली ने कहा था कि वे मुम्बई में सेट लगाकर शूटिंग करेंगे। भंसाली के इस पत्र के बाद से राजपूत समाज से संबंधित करणी सेना में फिल्म पद्मावती को लेकर सुलह के प्रयास कर तेज हो गए हैं।