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महाराष्ट्र: सीएम की कुर्सी पर शिवसेना की नजर, ढाई साल के लिए मांग सकती है पद

Sat, 26 Oct 2019 08:44 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 26 Oct 2019 08:44 AM IST
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Shiv Sena wants equal power sharing which means CM post for two and half year, bjp says no for it
देवेंद्र फडणवीस-नरेंद्र मोदी-उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के परिणाम आ चुके हैं। परिणाम आने के बाद राज्य में नई सरकार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को राज्य में भाजपा-शिवसेना की जीत को लेकर बधाई दी और कहा कि वह सत्ता के बंटवारे को लेकर दिवाली के बाद बात करेंगे। 

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भाजपा सूत्रों का कहना है मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना से कोई बातचीत नहीं होगी। बेशक उद्धव ठाकरे 50-50 के फॉर्मूला को लेकर दबाव डाल रहे हैं। जिसका मतलब है कि मंत्रालयों का बंटवारा बराबर होगा और ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री का पद दोनों पार्टियों के पास रहेगा।
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वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि भाजपा शिवसेना की मुख्यमंत्री पद को बांटने वाली मांग स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि उसे 105 सीटें मिली हैं और उसके पास 10 निर्दलीयों का समर्थन है। यदि 56 सीटों वाली शिवसेना ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग करती है तो भाजपा उसके साथ कोई डील नहीं करेगी।  

हालांकि सेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा, 'महाराष्ट्र की जनता का रुझान सीधा और साफ है। अति नहीं, उन्माद नहीं वर्ना खत्म हो जाओगे, ऐसा जनादेश ईवीएम की मशीन से बाहर आया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को आखिरी समय तक यह आत्मविश्वास था कि ईवीएम से केवल कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) ही बाहर आएगा। मगर 164 में से 63 सीटों पर कमल नहीं खिला।' 

इसी बीच शुक्रवार को सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने ट्विटर पर एक कार्टून शेयर किया है। जिसमें उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न ‘बाघ’, एनसीपी के चुनाव चिह्न 'घड़ी' को पहने और भाजपा के चुनाव चिह्न ‘कमल’ को सूंघ रहा है। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'बुरा न मानो दिवाली है।'


शिवसेना के चुने गए प्रतिनिधि शुक्रवार को ठाकरे के आवास मातोश्री पहुंचे और उन्होंने आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की। बता दें कि आदित्य ने पहली बार वर्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और उन्हें जीत मिली है। इसे लेकर राज्य में पोस्टर भी लगाया गया है जिसमें आदित्य को भावी मुख्यमंत्री के तौर पर दिखाया गया है।

शिवसेना के प्रकाश सुर्वे जो मगथाने सीट से जीते हैं उन्होंने कहा, 'हमारी मांग है कि आदित्यजी राज्य कैबिनेट की अध्यक्षता करें।' राजनीतिक हलकों में इस तरह की खबरे थीं कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शिवसेना को सरकार बनाने के लिए समर्थन दे रही है। इसे बाद में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने खारिज कर दिया और कहा कि उनकी और एनसीपी की ऐसी कोई योजना नहीं है। 

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