सावरकर पर संग्राम: शिवसेना बोली- राहुल थोड़ा इतिहास पढ़ लें, मायावती का कांग्रेस पर हमला
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महाराष्ट्र चुनाव के बाद एक बार फिर सावरकर का मुद्दा उठ खड़ा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का सावरकर पर दिया गया बयान महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के सहारे सरकार चला रही शिवसेना को नागवार गुजरा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने राहुल गांधी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्हें सावरकर पर थोड़ा पढ़ने की नसीहत दे डाली तो वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे नाटकबाजी करार दिया है।
इस बीच, सावरकर के पोते रंजीत सावरकर भी इस लड़ाई में कूद पड़े और उन्होंने राहुल पर आपराधिक कार्रवाई करने की सरकार से मांग की है। मायावती ने ट्वीट कर कहा, शिवसेना अपने मूल एजेंडे पर अब भी कायम है, इसलिए इन्होंने नागरिकता संशोधन बिल पर केंद्र सरकार का साथ दिया और अब सावरकर को भी लेकर इनको कांग्रेस का रवैया बर्दाश्त नहीं है। फिर भी कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के साथ अभी भी बनी हुई है तो यह सब कांग्रेस का दोहरा चरित्र नहीं है तो और क्या है?
कांग्रेस को इस मामले में अपनी स्थिति जरूर स्पष्ट करनी चाहिए। वरना यह सब इनकी अपनी पार्टी की कमजोरियों पर से जनता का ध्यान बांटने के लिए केवल कोरी नाटकबाजी ही मानी जाएगी। रेप इन इंडिया वाले बयान पर बवाल बढ़ने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा था उनका नाम ‘राहुल सावरकर’ नहीं है, वह कभी माफी नहीं मांगेंगे।
शिवसेना को कांग्रेस से तोड़ना चाहिए गठबंधन: अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने शिवसेना को महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने की सलाह दी है। उन्होंने कहा राहुल गांधी वीर सावरकर को देशभक्त नहीं मानते हैं। अठावले ने कहा, राहुल गांधी की सावरकर पर टिप्पणी के कारण कांग्रेस और शिवसेना के बीच दरार पैदा हो गई है।
उन्होंने कहा शिवसेना का मानना है कि सावरकर एक देशभक्त हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी और उनके नेता राहुल गांधी ऐसा मानने को तैयार नहीं हैं। राहुल ने अपने बयान में कहा कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है। उनका नाम राहुल गांधी है। इसके बाद, मुझे कांग्रेस और शिवसेना के बीच संबंधों के बारे में संदेह है। ऐसा लगता है कि यह सरकार लंबे समय तक नहीं चलेगी और जल्द ही खत्म हो जाएगी।
शिवसेना बोली राहुल के बयान से इतिहास नहीं बदलेगा
राहुल गांधी के इस बयान के बाद शिवसेना ने हल्ला बोल दिया। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा, राहुल गांधी के बयान से इतिहास नहीं बदलेगा। राहुल को सावरकर के बारे में पढ़ने की नसीहत देते हुए राउत ने कहा, राहुल इतिहास के पन्ने नहीं फाड़ सकते हैं।
सावरकर ने देश की आजादी में अपना योगदान दिया है। राहुल के बयान से सावरकर का महत्व कम नहीं होगा। कांग्रेस के साथ इस मुद्दे पर बढ़ते गतिरोध के बीच शिवसेना ने कहा कि सावरकर पर शिवसेना अपने पुराने रुख पर कायम है।
भुजबल बोले, सावरकर ने कहा था, गाय हमारी मां नहीं
इस बीच, एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा, जब बड़ी हस्तियों की बात आती है, तो हर कोई हर बात पर सहमत नहीं होता है। सावरकर के बारे में राहुल जी के अपने विचार हैं। सावरकर ने कहा था कि गाय हमारी मां नहीं है, लेकिन भाजपा उसे मां मानती है। सावरकर की सोच भी ज्ञानवादी थी लेकिन क्या भाजपा इसे स्वीकार कर सकती है? वे नहीं कर सकते।
उद्धव-सोनिया और पवार सही निर्णय लेंगे
वहीं, एनसीपी नेता अजीत पवार से यह पूछा गया कि क्या सावरकर मुद्दा महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी यानी एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना गठबंधन पर असर डालेगा? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, उद्धव, सोनिया और पवार साहेब परिपक्वलोग हैं और वह सही निर्णय लेंगे।
सावरकर के पोते की उद्धव से मांग, राहुल की सार्वजनिक रूप से करें पिटाई
राहुल के बयान पर वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने भी आपत्ति जताई है। रंजीत ने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से दिवंगत हिंदुत्व नायक का अपमान करने के लिए राहुल गांधी की सार्वजनिक रूप से पिटाई करने की अपील की है। उन्होंने शिवसेना प्रमुख उद्धव को उनका वह बयान याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि वीर सावरकर का अपमान करने वालों को सार्वजनिक चौराहे पर पीटा जाना चाहिए। राहुल लगातार मेरे दादा पर अंग्रेजों से माफी मांगने का आरोप लगाते रहे हैं जोकि सरासर गलत है।
साथ ही उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि राहुल के नाम सावरकर नहीं है, नहीं तो हमें शर्म से मुंह छिपाना पड़ता। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी दादी इंदिरा गांधी का शुक्रगुजार होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अपने नाम से नेहरू हटा लिया। पहले उनका नाम इंदिरा गांधी नेहरू था, फिर नेहरू शब्द हटा दिया। क्योंकि, अगर नेहरू शब्द इनके नाम में रहता तो आज लोग इन्हें गुलामों के वंशज कहते।
सरकार आपराधिक कार्रवाई करे
रंजीत ने कहा कि किसी को भी उनके (वीर सावरकर) बारे में अपमानजनक शब्द नहीं कहना चाहिए। सरकार को राहुल के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह राहुल के बयान के खिलाफ हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने शिवसेना सरकार को सलाह दी है कि राहुल के इस बयान के बाद उद्धव ठाकरे अपने मंत्रिमंडल से कांग्रेस के मंत्रियों को बर्खास्त करें और अल्पमत की सरकार चलाएं, क्योंकि भाजपा उनकी सरकार के खिलाफ वोट नहीं करेगी, बल्कि साथ देगी।
दिग्विजय बोले, सावरकर का सम्मान पर माफी मांगना अलग इतिहास
दिग्विजय ने कहा कि सावरकर के जीवन के दो पहलू हैं। एक जब ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए उन्हें सजा हुई और कालापानी भेजा गया। उनके जीवन का दूसरा पहलू माफी लिखकर जेल से निकलने का है। माफी मांग कर जेल से निकलने के बाद उन्होंने अपने पूरे समय पूरे देश में ब्रिटिश हुकूमत की बांटो और राज करो की नीति को ही आगे बढ़ाया। माफी मांगना एक अलग इतिहास है
राहुल कई जन्म लेकर भी सावरकर नहीं बन सकते: आरएसएस नेता
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि कई जन्मों के बाद भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी सावरकर नहीं बन सकते। अंग्रेज सावरकर से डरते थे इसलिए उन्हें दो बार आजीवन कारावास दिया गया। राहुल कभी भी सावरकर के व्यक्तित्व के करीब नहीं हो सकते। उन्होंने सही कहा कि वह कोई सावरकर नहीं हैं, चाहे उन्होंने सावरकर का अपमान करने के लिए कहा हो।
राहुल के नाम में जुड़ा ‘गांधी’ गांधी शब्द का अनादर है। उन्हें अपने उपनाम में गांधी शब्द का इस्तेमाल करके गांधी का अनादर नहीं करना चाहिए। वह कभी गांधी या सावरकर नहीं बन सकते। इससे राष्ट्र आहत हुआ है।
फडणवीस बोले, माफी मांगें राहुल
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा, राहुल को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। ऐसा लगता है कि राहुल ने आजादी के आंदोलन का इतिहास नहीं पढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा, भाजपा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मेजबानी में आयोजित औपचारिक चाय पार्टी का बहिष्कार करेगी।
सावरकर का सभी को करना चाहिए सम्मान : एकनाथ शिंदे
शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के गृहमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सभी को पता है कि सावरकर ने देश के लिए कुर्बानी दी थी। कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता जो उन्होंने देश के लिए किया था। सभी को उनका सम्मान करना चाहिए।