{"_id":"5f98fad08ebc3e9b9f37279c","slug":"shiv-sena-leader-sanjay-raut-if-mehbooba-mufti-impose-article-370-in-kashmir-with-help-of-china-rashtra-droh","type":"story","status":"publish","title_hn":"महबूबा के तिरंगे वाले बयान को राउत ने बताया राष्ट्रद्रोह, कहा- सरकार उठाए सख्त कदम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महबूबा के तिरंगे वाले बयान को राउत ने बताया राष्ट्रद्रोह, कहा- सरकार उठाए सख्त कदम
Wed, 28 Oct 2020 10:37 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 28 Oct 2020 10:37 AM IST
विज्ञापन
Shiv Sena leader Sanjay Raut
- फोटो : ANI
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के तिरंगे को न उठाने और अनुच्छेद 370 को वापस लाने के बयान पर देश में सियासत गरमा गई है। शिवसेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महबूबा मुफ्ती के बयान की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि ये राष्ट्रद्रोह है।
विज्ञापन
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, अगर महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और अन्य लोग चीन की मदद से कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू करना चाहते हैं तो केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। अगर कोई भी व्यक्ति जो कश्मीर में तिरंगा फहराना चाहता है, उसे रोका जाता है, तो मैं इसे 'राष्ट्र द्रोह' मानता हूं।
विज्ञापन
We have said it before also that Uniform Civil Code should be implemented in the country. If govt brings something like that, then we will take a decision about it: Shiv Sena leader Sanjay Raut on being asked whether central govt should bring Uniform Civil Code https://t.co/izE1NaVyeS pic.twitter.com/eE5yOYNbYS
— ANI (@ANI) October 28, 2020
विज्ञापन
वहीं, जब संजय राउत से पूछा गया कि क्या केंद्र सरकार को यूनिफॉर्म सिविल कोड लाना चाहिए तो उन्होंने कहा, हमने पहले भी कहा है कि देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होना चाहिए। अगर सरकार ऐसा कुछ करती है, तो हम इस बारे में निर्णय लेंगे।
दरअसल, महबूबा मुफ्ती ने तिरंगे को ना उठाने की बात कही थी। महबूबा ने कहा था कि हम अनुच्छेद 370 को वापस लेकर रहेंगे। जब तक ऐसा नहीं हो जाता है, मैं कोई भी चुनाव नहीं लडूंगी। जिस समय हमारा ये झंडा (कश्मीर का झंडा) वापस आएगा, हम उस (तिरंगा) झंडे को भी उठा लेंगे। जब तक हमारा झंडा वापस नहीं आता, तब तक हम किसी और झंडे को हाथ में नहीं उठाएंगे।