फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Shiv Sena eye on important ministries not CM post

महाराष्ट्र : सीएम पद नहीं महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर शिवसेना की नजर, दिवाली तक इंतजार

Sat, 26 Oct 2019 06:16 AM IST
संजीव कुमार झा हिमांशु मिश्र, अमर उजाला
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 26 Oct 2019 06:16 AM IST
विज्ञापन
Shiv Sena eye on important ministries not CM post
devendra fadnavis, uddhav thackeray
शिवसेना ने भले ही आदित्य ठाकरे को पोस्टर के जरिए महाराष्ट्र का भावी सीएम घोषित कर दिया है, मगर भाजपा इसे अपने सहयोगी की दबाव की राजनीति मानती है। पार्टी का मानना है कि शिवसेना की निगाहें सीएम पद पर नहीं बल्कि भावी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय हासिल करने की है। पार्टी सरकार गठन पर दिवाली के बाद होने वाली बातचीत में इस मामले में बीच का रास्ता निकल जाने के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त है। गौरतलब है कि नतीजे आने के बाद शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत हुई है।
विज्ञापन


पार्टी के एक रणनीतिकार के मुताबिक केंद्र और राज्य में सरकार बनने के बाद शिवसेना दोनों ही जगहों पर महत्वपूर्ण मंत्रालय हासिल नहीं कर पाई। महाराष्ट्र में तो उसे मजबूरी में छोटे भाई की भूमिका निभानी पड़ी। यही कारण है कि इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में अपेक्षित परिणाम नहीं आने से शिवसेना को मोलभाव करने का मौका मिला है। सहयोगी शिवसेना कार्यकाल का आधा-आधा बंटवारा और पहले शिवसेना का सीएम बनाने की मांग कर दरअसल राज्य और केंद्र सरकार में कुछ महत्वपूर्ण मंत्रालय हासिल करना चाहती है।
विज्ञापन

चुनाव के नतीजे शिवसेना के भी अनुकूल नहीं

बताया जा रहा है कि भले ही भाजपा उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, मगर चुनाव के नतीजे शिवसेना के भी अनुकूल नहीं हैं। भाजपा से किनारा करने के बाद उसे कांग्रेस और एनसीपी दोनों की जरूरत पड़ेगी। जाहिर तौर पर यह गठबंधन किसी भी नजरिये से भरोसे के लायक नहीं होगा। फिर शिवसेना को भावी चुनाव लड़ने में बड़ी परेशानी आएगी। यही कारण है कि भाजपा शिवसेना की मांग को ज्यादा भाव नहीं दे रही।

दिवाली बाद डिप्टी सीएम की मांग

महाराष्ट्र में सरकार गठन पर भाजपा और शिवसेना के बीच दिवाली के बाद बातचीत होगी। इस दौरान भाजपा शिवसेना को कुछ महत्वपूर्ण मंत्रालय के साथ डिप्टी सीएम की मांग स्वीकार करेगी। शुक्रवार को शाह और उद्धव ठाकरे के बीच हुई बातचीत में सरकार के गठन पर कोई चर्चा नहीं हुई।

विज्ञापन

कांग्रेस नेतृत्व ने की रणनीतिक चर्चा

दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार बनाने की कवायद के बीच कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने नई दिल्ली में शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके निवास पर मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। सोनिया द्वारा बनाए गए दिग्गज नेताओं के 17 सदस्यीय समूह में राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रणदीप सिंह सुरजेवाला, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजीव साटव और सुष्मिता देव समेत अन्य शीर्ष नेता शामिल हैं। हालांकि, इस समूह में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी शामिल नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed