पेगासस: थरूर ने की सरकारी अफसरों से पूछताछ की वकालत, बोले- संसदीय समिति के लिए यह अहम मसला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 27 Jul 2021 09:32 PM IST

सार

पेगासस जासूसी मामले में शशि थरूर ने सरकारी अधिकारियों से पूछताछ किए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि संसदीय समिति के लिए यह बेहद अहम मसला है। 
शशि थरूर
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विस्तार

इस्राइल के पेगासस सॉफ्टवेयर से भारतीय राजनेताओं, पत्रकारों समेत अन्य लोगों की कथित जासूसी का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मसले में शशि थरूर ने सरकारी अधिकारियों से पूछताछ किए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि संसदीय समिति के लिए यह बेहद अहम मसला है। 
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लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी की संसदीय समिति की बैठक बुधवार (28 जुलाई) को होनी है। इस बैठक में अहम मसला नागरिकों के डाटा की सुरक्षा और उनकी गोपनीयता है। बता दें कि इस संसदीय समिति में अधिकतर सदस्य सत्तारूढ़ भाजपा के हैं, जिन्होंने गृह मंत्रालय के अलावा सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों को समन जारी कर दिए हैं। 


गौरतलब है कि विदेशी मीडिया समेत कुल 16 संस्थानों ने एक संयुक्त रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें भारत के 300 वैरिफाइड मोबाइल नंबरों की कथित रूप से जासूसी किए जाने का दावा किया गया था। इस जासूसी के लिए इस्राइल के पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होने की बात सामने आई थी। दावा किया जा रहा है कि एनएसओ के डाटाबेस से लीक हुई इस लिस्ट में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत दो केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद सिंह पटेल, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, कारोबारी अनिल देशमुख, सीबीआई के पूर्व चीफ समेत करीब 40 नामचीन पत्रकारों के मोबाइल नंबर शामिल हैं। हालांकि, यह पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है कि इन सभी के मोबाइल फोन हैक किए गए थे। 

अहम बात यह है कि इस मामले की जांच के लिए बनी संसदीय समिति में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के डाटा की सुरक्षा और उनकी गोपनीयता समिति का सबसे अहम एजेंडा है। पिछले साल नवंबर-दिसंबर के दौरान भी पेगासस मामले को लेकर चर्चा की गई थी। इस संबंध में अधिकारियों से भी सवाल-जवाब किए जाएंगे। 

गौरतलब है कि पेगासस मामले का असर मानसून सत्र पर भी लगातार पड़ रहा है। दरअसल, संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हुआ था, लेकिन दोनों सदनों में विपक्ष जासूसी कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व में कराने की मांग को लेकर लगातार हंगामा कर रहा है।

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