फिर विवादों के घेरे में शशि थरूर, इस बार 1989 में लिखा उपन्यास बना वजह
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अक्सर विवादों में रहने वाले कांग्रेस नेता शशि थरूर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार थरूर चर्चा में हैं अपने 1989 में लिखे एक उपन्यास 'दि ग्रेट इंडियन नॉवेल' की वजह से। आरोप है कि इस उपन्यास के एक हिस्से में महाभारतकालीन पांडवों के पिता पर आधारित एक चरित्र पांडु ने नायर समुदाय की महिलाओं के प्रति अनुचित टिप्पणियां की हैं।
बता दें कि 'दि ग्रेट इंडियन नॉवेल' थरूर का एक व्यंग्य उपन्यास है। इसमें उन्होंने महाभारत के पात्रों को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और 1947 के बाद के तीन दशकों के समयकाल में उतारा था। इस उपन्यास के प्रकाशन के समय कुछ आलोचकों ने भी इसपर आपत्ति जताई थी।
माना जाता है कि उपन्यास का एक हिस्सा केरल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की महिला विंग से प्रभावित लगता है। वहीं, कुछ ट्विटर यूजर दावा कर रहे हैं कि उपन्यास का एक हिस्सा नायर समुदाय की महिलाओं के लिए अपमानजनक है।
एक ट्विटर यूजर चौकीदार शिल्पा नायर ने ट्वीट कर शशि थरूर से सवाल किया, 'आपने लिखा है कि नायर महिलाओं के कई प्रेमी होते थे और वह अपने पति को कमरे में तभी आने देती थीं जब वह किसी और के साथ नहीं होती थीं। इस एक पैराग्राफ से आपने सभी नायर महिलाओं को एक ही श्रेणी में रख दिया और उर उनके सम्मान की बलि चढ़ा दी। सवाल यह है कि किस मुंह से आप हमसे वोट मांग रहे हैं?'
One Q, Mr @ShashiTharoor.
— Chowkidar Shilpa Nair (@shilpamdas) April 3, 2019
U wrote Nair Women had mny lovers & allowed husband into her room only if she wasn’t wth them.
With that 1 paragraph, u painted all Nair ladies wth the brush of promiscuity & sullied their reputation.
The Q is with what face r u asking for our votes? pic.twitter.com/y9BjbKFNY5
शिल्पा की ट्विटर प्रोफाइल के मुताबिक वह केरल की भाजपा राज्य समिति में एनआरआई सेल की सदस्य हैं। प्रोफाइल में लिखा है कि वह सामाजिक कार्यकर्ता और शास्त्रीय नृत्य का शौक रखती हैं।
शिल्पा के इस सवाल पर शशि थरूर ने कहा, 'यह एक बकवास है जिसे चैकीदार मेरे निर्वाचन क्षेत्र में फेसबुक, व्हाट्सऐप और ट्विटर के माध्यम से फैला रहे हैं। मेरे 1989 में लिखे गए उपन्यास दि ग्रेट इंडियन नॉवेल के एख काल्पनिक चरित्र के वक्तव्य को तोड़-मरोड़ कर नायर महिलाओं के प्रति मेरे आज के विचारों का रूप देने की कोशिश की जा रही है।'
This is the poisonous bilge the Chowkidars are spreading in my constituency on @whatsApp, @Facebook & @Twitter: a statement by a fictional character in my 1989 Great Indian Novel describing a historic practice of earlier centuries, twisted to imply my views of today’s Nair women. https://t.co/iUQq1zqJDp
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) April 3, 2019
थरूर ने कहा कि यह मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए किया जा रहा है। दुर्भाग्य से कई लोग इस झूठ पर विश्वास भी कर रहे हैं। भाजपा खुद पर शर्मिंदा नहीं हो सकती, लेकिन सोशल मीडिया पर तो सवाल उठाए जा सकते हैं। बता दें कि थरूर खुद नायर समुदाय से हैं और उनके निर्वाचन क्षेत्र में भी नायर समुदाय की अधिकता है।
It shows contempt for the voters to seek to exploit their ignorance of the source & context, which in any case was accurate about the past it describes. Unfortunately many are taken in by these lies. BJP is incapable of being ashamed of itself; but why can’t social media act?
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) April 3, 2019