बैंक घोटाला मामले में बिन बुलाए मेहमान की तरह ईडी दफ्तर पहुंचेंगे शरद पवार, धारा 144 लागू
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विधानसभा चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठापठक के बीच राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दफ्तर जाने वाले हैं। उन पर महाराष्ट्र राज्य सहकारी (एमएससी) बैंक घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। हालांकि ईडी ने अबतक उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है, इसके बावजूद पवार शुक्रवार को ईडी दफ्तर पहुंचने वाले हैं। इसको लेकर बलार्ड पियर स्थित ईडी दफ्तर के बाहर और दक्षिण मुंबई के अन्य क्षेत्रों में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी गई है।
चुनावी माहौल में अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद पवार ने कहा था कि वह खुद ईडी दफ्तर जाएंगे। इसको लेकर संभावना जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में उनके समर्थक वहां जमा हो सकते हैं। हालांकि एनसीपी प्रमुख ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे यहां केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय के पास एकत्र न हों और सुनिश्चित करें कि लोगों को कोई असुविधा न हो।
Mumbai: Sec144 CrPC has been imposed at Ballard Estate, where the office of Enforcement Directorate is situated;NCP Chief Sharad Pawar to visit ED office today to make himself available to the agency for their investigation in the money laundering case, in which he has been named pic.twitter.com/lixmftwYma
— ANI (@ANI) September 27, 2019
पुलिस के एक अधिकारी ने गुरुवार रात कहा कि संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए, कार्यालय के बाहर धारा 144 लगाई गई। पवार ने कहा था कि वह महाराष्ट्र राज्य सहकारी (एमएससी) बैंक घोटाले के संबंध में अपने खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के मामले में जांच एजेंसी के सामने पेश होंगे। हालांकि, ईडी ने मामले में पवार या किसी अन्य को अब तक तलब नहीं किया है।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के अंतर्गत दर्ज शिकायत के तहत ईडी उन आरोपों की जांच कर रही है कि एमएससीबी के शीर्ष अधिकारी, अध्यक्ष, एमडी, निदेशक, सीईओ और प्रबंधकीय कर्मचारी तथा सहकारी चीनी फैक्टरी के पदाधिकारियों को अनुचित तरीके से कर्ज दिए गए।
एजेंसी ने कर्ज देने और अन्य प्रक्रिया में कथित अनियमितता की जांच के लिए पवार, उनके भतीजे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार तथा करीब 70 अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी का मामला मुंबई पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें बैंक के निदेशकों, राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और सहकारी बैंक के 70 पूर्व पदाधिकारियों के नाम हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार का नाम ईडी की शिकायत में पुलिस एफआईआर के आधार पर शामिल किया गया है। यह मामला ऐसे समय दर्ज किया गया, जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्य में एक चरण में 21 अक्तूबर को विधानसभा की सभी 288 सीटों पर मतदान होगा।