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Maharashtra Politics: पवार के एक तीर से कई निशाने, खतरे में गठबंधन, लोकसभा चुनाव के कुछ ही महीने शेष
Wed, 03 May 2023 05:15 AM IST
Jeet Kumar
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई।
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 03 May 2023 05:15 AM IST
सार
लोकसभा चुनाव के कुछ ही महीने शेष हैं। ऐसे समय में उनका फैसला भले ही चौकाने वाला है, लेकिन इसमें सुप्रिया सुले से लेकर अजीत पवार की भी सहमति मानी जा रही है।
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शरद पवार-सुप्रिया सुले (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
82 वर्षीय शरद पवार चतुर और अनुभवी राजनेता हैं। मराठा क्षत्रप कहे जाने वाले पवार के बारे में कहा जाता है कि वे जो कहते हैं उसके पीछे दूरगामी सोच होती हैं। इसलिए एनसीपी अध्यक्ष पद छोड़ने की वजह अनायास नहीं है। इसके पीछे भी उनका दूरगामी दृष्टिकोण है। निश्चित तौर पर उन्होंने यह खेला बेटी सुप्रिया सुले और भतीजे अजीत पवार के लिए किया है। लेकिन, उनका यह फैसला महाराष्ट्र में बने महा विकास आघाड़ी गठबंधन के लिए खतरे की घंटी है।
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लोकसभा चुनाव के कुछ ही महीने शेष हैं। ऐसे समय में उनका फैसला भले ही चौकाने वाला है, लेकिन इसमें सुप्रिया सुले से लेकर अजीत पवार की भी सहमति मानी जा रही है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि पवार ने बगावत की बड़ी अड़चन को दूर कर दिया है और पार्टी कार्यकर्ताओं की सहानुभूति भी बटोर ली है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता ने कहा, हाल में अजीत पवार के भाजपा के साथ जाने की अटकलों ने पवार को परेशान कर दिया था। लेकिन पवार ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं।
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बेवजह नहीं थी अजीत के भाजपा संग जाने की चर्चा
सूत्र बताते हैं कि अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शरद पवार से एनडीए के साथ जाने के बारे में चर्चा की थी। लेकिन पवार ने ऐसा करने से मना कर दिया था। शायद, पवार अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि पर आंच नहीं आने देना चाहते। अब सुप्रिया या अजीत में से किसी एक के हाथ पार्टी की कमान सौंप कर उन्हें अपने फैसले लेने की आजादी दे सकते हैं।
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38 की उम्र में बने सीएम कभी चुनाव नहीं हारे
- शरद पवार 38 साल की उम्र में महाराष्ट्र के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने 24 साल पहले कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की स्थापना की थी। वे महाराष्ट्र के चार बार मुख्यमंत्री, देश के रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री रहे।
- शरद पवार की राजनीतिक यात्रा 1958 में पुणे युवक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में शुरू की थी। 27 वर्ष की उम्र में गृह क्षेत्र बारामती से पहली बार विधायक चुने गए। वे वर्ष 1978, 1988, 1990, 1993 में महाराष्ट्र के सीएम बने।
- शरद पवार कभी भी चुनाव नहीं हारे। वह लगातार विधानसभा से लेकर लोकसभा और फिर राज्यसभा के सदस्य रहे।