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फिर जेल जाएगा शहाबुद्दीन? CCA लगाने की तैयारी में नीतीश, MLA को भी नोटिस
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 12 Sep 2016 06:27 PM IST
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के विधायक गिरधारी यादव को शहाबुद्दीन का स्वागत करने भागलपुर जेल जाने पर कारण बताओ नोटिस भेजा है। गिरधारी यादव को सीवान के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन के साथ जेल से बाहर देखा गया था। बता दें कि जेल से बाहर निकलते ही शहाबुद्दीन ने जिस वक्त नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए उन्हें 'परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री' बताया था उस वक्त गिरधारी यादव भी वहीं मौजूद थे।
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इससे पहले सोमवार को जब संवाददाताओं ने जनता दल यूनाईटेड के प्रवक्ता, संजय कुमार सिंह से जब गिरधारी यादव पर कार्रवाई के संबंध में पूछा था तो उन्होंने कहा, 'जब शहाबुद्दीन हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जहर उगल रहा था, तब उसके साथ यादव के मौजूद होने को हम स्वीकार नहीं कर सकते। पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है।' गिरधारी यादव, बिहार की बांका विधानसभा सीट से विधायक हैं।
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जेल से रिहा होने के बाद से ही शहाबुद्दीन नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। शहाबुद्दीन ने नीतीश कुमार को अपना नेता मानने से भी इंकार कर कहा कि लालू यादव उनके एकमात्र नेता हैं। नीतीश के खिलाफ हमले में शहाबुद्दीन को लालू यादव की पार्टी के रघुवंश प्रसाद सिंह का भी साथ मिला था।
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शहाबुद्दीन की टिप्पणियों से परेशान नीतीश सरकार शहाबुद्दीन को फिर से जेल भेजने की तैयारी में है।
फिर जेल जाएगा शहाबुद्दीन, नीतीश ने बुलाई मंत्रियों की बैठक
शहाबुद्दीन
दो दिन पहले जमानत पर जेल से बाहर आए आरजेडी नेता शहाबुद्दीन को फिर से जेल जाना पड़ सकता है। शहाबुद्दीन के बेल पर जेल से बाहर आने के बाद मचे विवाद पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कैबिनेट मंत्रियों की बैठक बुलाई। माना जा रहा है कि बिहार सरकार फिर से शहाबुद्दीन को जेल भेजने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक बिहार सरकार शहाबुद्दीन को सीसीए ('क्राइम कंटरोल एक्ट' ) के तहत वापस जेल भेज सकती है।
बता दें कि बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार को जेल से बाहर आया था। सीवान के चर्चित राजेश रोशन मर्डर केस के साथ-साथ अन्य मामलों में आरोपी शहाबुद्दीन पिछले 11 साल से जेल में बंद था।जेल से बाहर आने के बाद मीडिया को दिए बयान में शहाबुद्दीन ने नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताया।
माफिया डॉन ने कहा, 'ऐसी स्थितियां बनी कि नीतीश कुमार को प्रदेश की गद्दी मिली। वहीं अपने बारे में कहा कि अपनी इमेज नहीं चेंज करूंगा। मैं जैसा हूं, वैसे ही लोग मुझे 26 सालों से पसंद कर रहे हैं।' एक अन्य सवाल के जवाब में शहाबुद्दीन ने कहा कि वह 10 नहीं 13 साल बाद अपने गांव जा रहा है। जैसे लालू यादव जेल गए और रिलीज हुए। वैसे ही वह भी जेल गया और बाहर आया है।
बता दें कि बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार को जेल से बाहर आया था। सीवान के चर्चित राजेश रोशन मर्डर केस के साथ-साथ अन्य मामलों में आरोपी शहाबुद्दीन पिछले 11 साल से जेल में बंद था।जेल से बाहर आने के बाद मीडिया को दिए बयान में शहाबुद्दीन ने नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताया।
माफिया डॉन ने कहा, 'ऐसी स्थितियां बनी कि नीतीश कुमार को प्रदेश की गद्दी मिली। वहीं अपने बारे में कहा कि अपनी इमेज नहीं चेंज करूंगा। मैं जैसा हूं, वैसे ही लोग मुझे 26 सालों से पसंद कर रहे हैं।' एक अन्य सवाल के जवाब में शहाबुद्दीन ने कहा कि वह 10 नहीं 13 साल बाद अपने गांव जा रहा है। जैसे लालू यादव जेल गए और रिलीज हुए। वैसे ही वह भी जेल गया और बाहर आया है।
जानिएं क्यों था शहाबुद्दीन जेल में
shahbuddin
- फोटो : shahbuddin
आरजेडी नेता शहाबुद्दीन हत्या, रंगदारी, किडनैपिंग और तेजाब कांड के लिए कुख्यात रहे आरजेडी नेता को पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद जमानत मिली है।
16 अगस्त 2004 को सीवान के गोशाला रोड में रहने वाले कारोबारी चंद्रकेश्वर प्रसाद के दो बेटों सतीश और गिरीश का अपहरण हुआ था। चंदा बाबू की पत्नी कलावती देवी के बयान के बाद जांच में शहाबुद्दीन का नाम सामने आया। इसके बाद किडनैप हुए सतीश और गिरीश के बड़े भाई राजीव रोशन ने अपनी गवाही में खुलासा किया था कि शहाबुद्दीन की मौजूदगी में उसके दोनों भाइयों को तेजाब में डूबोकर मार डाला गया था।
शहाबुद्दीन नवंबर 2005 से जेल में बंद थे। हाईकोर्ट के आदेश पर शहाबुद्दीन के खिलाफ मामले की सुनवाई शुरू हुई। इसी बीच, 16 जून 2014 को अहम गवाह राजीव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें शहाबुद्दीन और उनके बेटे ओसामा आरोपी हैं।
16 अगस्त 2004 को सीवान के गोशाला रोड में रहने वाले कारोबारी चंद्रकेश्वर प्रसाद के दो बेटों सतीश और गिरीश का अपहरण हुआ था। चंदा बाबू की पत्नी कलावती देवी के बयान के बाद जांच में शहाबुद्दीन का नाम सामने आया। इसके बाद किडनैप हुए सतीश और गिरीश के बड़े भाई राजीव रोशन ने अपनी गवाही में खुलासा किया था कि शहाबुद्दीन की मौजूदगी में उसके दोनों भाइयों को तेजाब में डूबोकर मार डाला गया था।
शहाबुद्दीन नवंबर 2005 से जेल में बंद थे। हाईकोर्ट के आदेश पर शहाबुद्दीन के खिलाफ मामले की सुनवाई शुरू हुई। इसी बीच, 16 जून 2014 को अहम गवाह राजीव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें शहाबुद्दीन और उनके बेटे ओसामा आरोपी हैं।