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महाराष्ट्र: दुष्कर्म पीड़िता का आरोप, गांव छोड़कर जाने के लिए मजबूर कर रही पंचायत

Wed, 30 Dec 2020 05:09 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, औरंगाबाद
पीटीआई, औरंगाबाद Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 30 Dec 2020 05:09 PM IST
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sexual harassment victim says Gram Panchayat is forcing her to leave village in Beed Maharashtra
सांकेतिक तस्वीर

महाराष्ट्र के बीड जिले में रहने वाली 30 वर्षीय एक महिला ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत ने उसे निर्वासित करने का एक प्रस्ताव पारित किया है। इसके बाद वहां के लोग उसे गांव छोड़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार उक्त महिला के साथ साल 2015 में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।

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स्थानीय प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि गेवराई तहसील में पड़ने वाले न सिर्फ महिला के गांव बल्कि दो अन्य गांवों ने भी उसे निर्वासित करने का प्रस्ताव पारित किया है। पुलिस ने कहा कि महिला ने ग्रामीणों द्वारा उसे अपशब्द कहे जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की जा रही है।
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पुलिस ने कहा कि पांच साल पहले महिला के साथ दुष्कर्म हुआ था जब वह गांव के खेत में कपास तोड़ने गई थी। पुलिस ने कहा कि इस साल की शुरुआत में अदालत ने इस मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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एक समाचार चैनल से बात करते हुए महिला ने कहा कि उसके घर के दरवाजे पर एक नोटिस चिपका दिया गया जिसमें उससे गांव छोड़ने को कहा गया था। उसने यह भी आरोप लगाया कि गांव वाले उसे धमकी दे रहे हैं।

महिला ने कहा, 'ग्राम सेवक ने मेरे घर के दरवाजे पर एक नोटिस चिपकाया था जिसमें मुझसे गांव छोड़ने को कहा गया था। मुझे गांव से निर्वासित करने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था।' महिला ने कहा, 'सरकार को मुझे न्याय देना चाहिए। उसे मुझे बताना चाहिए कि मैं कहां जाऊं।'

इस मामले में खंड विकास अधिकारी अनिरुद्ध सनप ने कहा, 'इस साल 15 अगस्त को तीन गांवों ने महिला को निर्वासित करने के लिए प्रस्ताव पारित किए थे। हमारी जांच के दौरान यह पाया गया कि एक दूसरे से लगे हुए इन गांवों ने अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए थे।'

उन्होंने कहा, 'महिला ने आरोप लगाया था कि ग्राम सेवक ने उसके दरवाजे पर गांव छोड़ने से संबंधित नोटिस चिपकाया था। जब हमनें इस बारे में ग्राम सेवक से पूछताछ की तो उसने कहा कि नोटिस अतिक्रमण से संबंधित था। हमने वरिष्ठ अधिकारियों के रिपोर्ट सौंपी है और वे इस मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे।'

उधर, बीड के पुलिस उपाधीक्षक स्वप्निल राठौड़ ने कहा, 'महिला ने कुछ ग्रामीणों के खिलाफ उसे कथित तौर पर अपशब्द कहने संबंधी शिकायत भी दी है। सोमवार को कुछ ग्रामीण हमारे पास आए थे और उन्होंने कहा कि हमें उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं देना चाहिए।'


उन्होंने कहा, 'लेकिन यह संभव नहीं कि हम शिकायत पर संज्ञान न लें। हम उसकी जांच कर रहे हैं।' महिला को गांव से निर्वासित करने के फैसले के बारे में पूछने पर गांव के सरपंच ने कहा, 'यह गांव के लोगों की मांग थी और हमने उसी के अनुरूप अगस्त में प्रस्ताव पारित कर कार्रवाई की।'

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