कोरोना संकट में भुखमरी के कगार पर पहुंची सेक्स वर्कर, 'आशा' मिली, तो बदला काम और पहचान
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देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रसार रोकने के लिए लागू लॉकडाउन लाखों लोगों की जिंदगियां बेपटरी हो गई। वहीं देशव्यापी लॉकडाउन के बाद हाशिए पर खड़ा सेक्स वर्कर्स का एक बड़ा तबका भुखमरी के कगार पर पहुंच गया। कोरोना वायरस के चलते एक भी ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे। आमदनी नहीं होने के चलते इन सेक्स वर्कर को एक-एक दिन काटना मुश्किल हो गया। इस मुश्किल वक्त में आशा वर्कर्स ने दिखाई राह, तो इन महिलाओं की पहचान और काम दोनों बदल गए।
ASHA officials pushed us towards making jewellery. We learned from them & started selling it in the market to earn money. We received a good response & people recognise us now. This will also help us in the future, said a sex worker https://t.co/5dcspUcWt4 pic.twitter.com/DmfvugRLLS
— ANI (@ANI) January 25, 2021विज्ञापन
कोरोना संकट में महाराष्ट्र के नासिक के पास भद्रकाली में सेक्स वर्कर्स को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भद्रकाली में रहने वाली सेक्स वर्कर्स का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से उनका बहुत बुरा हाल हो गया। दो वक्त के खाने के लिए भी काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा हमारे पास पैसे भी नहीं ना कोई और विकल्प। दूसरे से राशन मांगने की नौबत आ गई। लोग हमारी मदद को तैयार नहीं। सेक्स वर्कर्स ने सरकार से भी मदद की गुहार लगाई। लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिल पा रही थी। इस बीच आशा वर्कर्स ने हमारे हुनर को निखारने का काम किया। उन्होंने हम लोगों को ज्वैलरी बनाने का काम सिखाया।
काम और पहचान दोनों बदल गए
एक सेक्स वर्कर ने बताया कि आशा वर्कर्स ने हमें आभूषण बनाने का काम करने पर जोर दिया। हमने उनसे आभूषण बनना सीखा। अब अपना घर चलाने के लिए आभूषण बनाकर बाजार में बेचने का काम शुरू कर दिया। महिलाओं ने हमारे बनाए आभूषणों पर अच्छी प्रतिक्रिया दी, जिससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा। इस कोरोना संकट ने हमारी पहचान और काम दोनों बदल दिए हैं। उस महिला ने कहा कि अब हम भी एक अच्छी जिंदगी जी सकते हैं।