Coronavirus: 60 दिन बाद उड़े विमान, पहले दिन करीब 630 उड़ानें रद्द, हताश-परेशान दिखे यात्री
- कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच दो माह बाद शुरू हुई हवाई सेवा
- एयरपोर्ट पर दोबारा लौटी रौनक, लेकिन बिना सूचना के कई फ्लाइट्स रद्द
- न SMS आया और ही फोन कॉल, ऑनलाइन भी नहीं मिली कोई सूचना
- एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट रद्द की खबर पाकर मायूस हुए कई यात्री
- अकेले दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से लगभग 80 आगमन/प्रस्थान उड़ानें रद्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन के कारण करीब दो महीने से बंद पड़ी घरेलू विमान सेवाओं को आज से बहाल कर दिया गया। इसके बाद अपने घर या कार्यस्थल लौटने के लिए सैकड़ों लोग देशभर के हवाई अड्डे पर पहुंचने लगे। तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी रौनक देखी गई।
हालांकि कई यात्रियों की खुशी तब मायूसी में तब्दील हो गई, जब उन्हें हवाई अड्डे पर पता चला कि उनकी फ्लाइट रद्द हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन राज्यों के प्रतिबंधों की वजह से करीब 630 उड़ानों को रद्द किया गया। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सोमवार को 532 उड़ानें संचालित हुईं, जिनसे 39,231 यात्रियों ने सफर किया।
ऐसे में कई यात्रियों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। पहले विमान में यात्रा करने वालों में अर्धसैनिक बल के जवान, सेना के जवान, छात्र और प्रवासी शामिल थे, जो रेलवे द्वारा चलाई गई विशेष ट्रेनों के टिकट नहीं ले पाए थे। यहां मौजूद कई लोगों ने बताया कि सार्वजनिक वाहनों के कम होने के कारण वे समय से काफी पहले हवाई अड्डे के लिए निकल गए थे।
पलभर में उदासी में बदली खुशी
कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गई तो कई का वक्त 10-12 घंटे तक पीछे किया जा चुका है। दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐसे कई यात्री नजर आए जिन्हें यहां पहुंचने के बाद पता चला कि उनकी उड़ान रद्द हो गई है। नाइक सतीश कुमार को कोलकाता जाना था और कोलकाता जाने वाले विमान ने उड़ान नहीं भरी क्योंकि राज्य ने 28 मई तक विमान सेवाएं बहाल ना करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा 'मैं सुबह छह बजे कोलकाता जाने वाले विमान के लिए अंबाला से यहां आया। जब यहां पहुंचा तो पता चला कि उड़ान रद्द हो गई है। अब वापस घर लौट रहा हूं।'
दिल्ली के दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे से टेक ऑफ और लैंड करने वाली लगभग 80 उड़ानों को पहले दिन ही रद्द कर दिया गया है।
Around 80 arrival/departure flights from Delhi's IGI airport have been cancelled.Earlier flight schedule was made for all airports incl West Bengal (flight operations from 28May), Maharashtra (25 takeoffs&25landings every day)&Chennai (incoming passenger flights restricted to 25) pic.twitter.com/97po3Nj3AV
— ANI (@ANI) May 25, 2020
ईद मनाने घर जा रहा था, अब फिर अटक गया
दो माह तक हवाई सेवाएं ठप रहने के बाद ईद के मुबारक दिन इसकी बहाली हुई, ऐसे में दिल्ली में फंसे हुए 27 वर्षीय युवा बिजनेसमैन शकील अहमद अपने घर इंदौर जाकर, अब्बू-अम्मी को सरप्राइज देना चाहते थे, उनकी ईद की खुशियां बढ़ना चाहते थे, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका दिल टूट गया। तड़के 5:30 बजे दिल्ली से इंदौर जाने वाली फ्लाइट रद्द की जा चुकी थी। एयरपोर्ट पर काफी जांच-पड़ताल करने के बाद उन्हें इस बाबत पता लगा। न तो एसएमएस आया और न ही ऑनलाइन इसकी जानकारी दी गई।
अब एयरपोर्ट पर क्या करूं? कुछ समझ नहीं आ रहा
सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि लॉकडाउन के बाद हवाई सेवा शुरू होने के पहले ही दिन अलग-अलग जगहों पर ऐसे ही हालात देखने को मिले। कुछ वापस जहां फंसे थे, वहीं लौट गए तो कुछ 10-12 घंटे तक फ्लाइट देरी से चलने पर कुछ और इंतजाम की बात सोच रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई से रोजाना 25 फ्लाइट्स की उड़ान और इतनी ही लैंडिंग तय की है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर भी कई यात्री अचानक फ्लाइट कैंसिल कर देने से परेशान नजर आए। बंगलूरू से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट भी रद्द कर दी गई। परेशान महिला यात्री ने कहा कि फ्लाइट रद्द होने की जानकारी बोर्डिंग पास स्कैन करवाने के दौरान मिली है। समझ नहीं आ रहा अब क्या करूं।
900 रुपये प्रतिदिन देना पड़ता था होटल का किराया
पटना के मेकैनिकल इंजीनियर आमिर अफजल 23 मार्च को आधिकारिक काम के लिए दिल्ली आए थे, वह दोस्तों और परिवार के साथ ईद मनाने के लिए आज यहां से रवाना हुए। उन्होंने कहा, 'मैं अपने सहकर्मी के साथ महिपालपुर में रह रहा था। होटल का किराया 900 रुपये प्रतिदिन था। हमें घर वापस जाने के लिए ट्रेन का टिकट नहीं मिल पा रहा था।' अफजल के दोस्त राशिद ने कहा कि वह खुश हैं कि वह बिहार के बेगूसराय जिले में अपने परिवार के साथ ईद मना पाएंगे। उन्होंने कहा, 'लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे कई बेघर और भूखे प्रवासी जो ट्रेन या विमान के टिकट खरीदने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह त्योहार बेरंग ही रह जाएगा।'
संदीप सिंह (19) एक छात्र हैं और देहरादून में पढ़ाई करते हैं, जिन्होंने देहरादून से दिल्ली पहुंचने के लिए 5,500 रुपये का टिकट लिया क्योंकि ट्रेनें भरी चल रही हैं और अंतरराज्यीय बसें चल नहीं रही हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपने पीजी में था। माता-पिता को काफी चिंता थी। मैं पहले विमान से ही घर लौट रहा हूं।'
एयरपोर्ट पर पूरी गाइडलाइंस का हो रहा पालन
घरेलू विमान सेवा बहाली के पहले दिन यानी सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर आम दिनों से ज्यादा सुरक्षा दिखी। नियमानुसार यात्रियों की एयरपोर्ट के गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। आईजीआई हवाई अड्डे पर रात के दो बजे से ही यात्रियों ने प्रवेश कर शुरू कर दिया था। अंदर जाने से पहले ही यात्रियों का सामान सैनिटाइज किया जा रहा है। लोगों को दूरी बनाकर रखने के लिए बार-बार लाउडस्पीकर से घोषणा भी हो रही है। एयरपोर्ट की दुकानों पर ग्लव्स, मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री होती नजर आई। वहीं फ्लाइट अटेडेंट भी पीपीई किट पहने हुए दिखाई दिए।