फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Service should not be done for profit or reward says Mohan Bhagwat

Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख बोले- फायदे या इनाम के लिए नहीं की जानी चाहिए सेवा, इसे निस्वार्थ भाव से करें

Fri, 13 Jan 2023 09:26 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 13 Jan 2023 09:26 PM IST
सार

आरएसएस प्रमुख ने कहा, करुणा प्रेम है, जिसकी कोई कीमत नहीं है। ऐसा नहीं है कि जानवरों में करुणा की कमी है, लेकिन करुणा का दायरा मनुष्य में व्यापक है। 

विज्ञापन
Service should not be done for profit or reward says Mohan Bhagwat
मोहन भागवत - फोटो : PTI

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि सेवा लोगों के बीच अपनापन पैदा करती है और इसे बदले में किसी लाभ या इनाम की लालसा के बगैर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि करुणा प्रेम है, जिसकी कोई कीमत नहीं है। ऐसा नहीं है कि जानवरों में करुणा की कमी है, लेकिन करुणा का दायरा मनुष्य में व्यापक है। भागवत यहां पशु चिकित्सकों की एक सभा को संबोधित कर रहे थे। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि दिखावे या इनाम के लिए सेवा नहीं करनी चाहिए। यह निस्वार्थ भाव से दिल से करनी चाहिए। भागवत ने कुष्ट रोगियों की देखभाल के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. विकास आमटे के कार्यों की सराहना की और कहा कि यदि कोई व्यक्ति दुखी होता है तो उसकी सेवा की जानी चाहिए। भागवत ने कहा, एक ही सूत्र जो सभी मनुष्य को बांधे रखता है और जिसे वो अपना मानते है उसमें भेद नहीं करता। उस गुण को मानवता कहते हैं। 

विज्ञापन

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. आमटे ने समाज में कुष्ट रोग की व्यापकता और बीमारी से पीड़ित लोगों को हेय दृष्टि से देखने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, आज भी 1.25 करोड़ लोग इस संक्रामक बीमारी से पीड़ित हैं, जो मुख्य रूप से त्वचा, परिधीय नसों, ऊपरी श्वसन पथ और आंखों प्रभावित करती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. आमटे ने कहा, 119 कानून हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन भेदभावपूर्ण कानूनों को खत्म करने का आदेश दिया था, लेकिन वे अभी भी मौजूद हैं। ये कानून कुष्ट रोग से पीड़ित लोगों के साथ भेदभाव करते हैं। जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में कुष्ट रोगियों के लिए सामुदायिक पुनर्वास केंद्र आनंदवन जैसी जगहों की जरूरत बेहतर सामाजिक स्वास्थ्य का संकेत नहीं है। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed