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पंजाब में 'नशे' पर सियासत?: CM फडणवीस मुख्यमंत्री मान पर हमलावर, कहा- स्थिति सामान्य नहीं थी, आरोप बेहद गंभीर
Sat, 02 May 2026 10:53 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 02 May 2026 10:53 PM IST
सार
संवैधानिक पद की गरिमा और सार्वजनिक आचरण पर सवाल उठाते हुए फडणवीस ने भगवंत मान की स्थिति को असामान्य बताया है। यह बयान नशे से जुड़े आरोपों पर आग में घी डालने जैसा काम कर रहा है। पिछले दिनों पंजाब के सीएम पर गंभीर आरोप लगे थे। क्या है मामला? खबर में जानिए...
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर लगे नशे के आरोपों को लेकर हमला बोला है। फडणवीस ने कहा कि मैंने कई वीडियो देखें हैं। घटना के समय पंजाब के मुख्यमंत्री का व्यवहार और शारीरिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। इस बयान के बाद पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
'सार्वजनिक जीवन में मर्यादा का पालन करना अनिवार्य'
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'भगवंत मान पर जो आरोप लग रहे हैं, वे बहुत ही गंभीर प्रकृति के हैं। एक मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। जब यह वाकया हुआ, तब वह बिल्कुल भी सामान्य नहीं दिख रहे थे।' फडणवीस ने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है और ऐसे पद पर आसीन व्यक्ति की हर गतिविधि का प्रभाव जनता पर पड़ता है।
यह भी पढ़ें: सीएम रेखा का भगवंत मान पर हमला: विधानसभा में नशे में पहुंचने का आरोप, कहा- 'धिक्कार है, शर्मनाक है'
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रेखा गुप्ता ने भी साधा निशाना
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी आप सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत धिक्कार योग्य विषय है कि किसी राज्य का मुखिया स्वयं को इस अवस्था में सार्वजनिक पटल पर प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र के मंदिर में राज्य का मुखिया नशे की हालत में पहुंचता है और पूरे राज्य को शर्मसार करता है। दुनिया ने उन्हें पहले भी कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस स्थिति में देखा है, लेकिन आज तो इंतहा हो गई जब पूरे देश ने विधानसभा के भीतर उनकी डगमगाती स्थिति को देखा।'
क्या है मामला?
पिछले दिनों कांग्रेस ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सदन की कार्यवाही के दौरान नशे की हालत में थे। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की कि सदन के दरवाजे बंद कर दिए जाएं और मुख्यमंत्री सहित सभी विधायकों का अल्कोहल और डोप टेस्ट कराया जाए। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, 'अगर मुख्यमंत्री शराबी हालत में होगा तो फिर विधानसभा का मतलब क्या है? हमारी मांग है कि सबकी जांच की जाए।' वहीं, भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके पास और कोई मुद्दा नहीं है।
अन्य वीडियो-
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'सार्वजनिक जीवन में मर्यादा का पालन करना अनिवार्य'
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'भगवंत मान पर जो आरोप लग रहे हैं, वे बहुत ही गंभीर प्रकृति के हैं। एक मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। जब यह वाकया हुआ, तब वह बिल्कुल भी सामान्य नहीं दिख रहे थे।' फडणवीस ने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है और ऐसे पद पर आसीन व्यक्ति की हर गतिविधि का प्रभाव जनता पर पड़ता है।
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रेखा गुप्ता ने भी साधा निशाना
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी आप सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत धिक्कार योग्य विषय है कि किसी राज्य का मुखिया स्वयं को इस अवस्था में सार्वजनिक पटल पर प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र के मंदिर में राज्य का मुखिया नशे की हालत में पहुंचता है और पूरे राज्य को शर्मसार करता है। दुनिया ने उन्हें पहले भी कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस स्थिति में देखा है, लेकिन आज तो इंतहा हो गई जब पूरे देश ने विधानसभा के भीतर उनकी डगमगाती स्थिति को देखा।'
क्या है मामला?
पिछले दिनों कांग्रेस ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सदन की कार्यवाही के दौरान नशे की हालत में थे। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की कि सदन के दरवाजे बंद कर दिए जाएं और मुख्यमंत्री सहित सभी विधायकों का अल्कोहल और डोप टेस्ट कराया जाए। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, 'अगर मुख्यमंत्री शराबी हालत में होगा तो फिर विधानसभा का मतलब क्या है? हमारी मांग है कि सबकी जांच की जाए।' वहीं, भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके पास और कोई मुद्दा नहीं है।
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