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SC के वरिष्ठ जज ने कोलेजियम पर उठाया सवाल, कहा- नहीं लेता मीटिंग में भाग

Sat, 03 Sep 2016 11:09 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 03 Sep 2016 11:09 AM IST
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senior supreme court judge rift into cji-headed collegium
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ जज जे चेल्मेशवर ने कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए इसे अपारदर्शी करार दिया है। जे चेल्मेशवर ने कहा, 'चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की मीटिंग में उन्होंने शामिल होना बंद कर दिया है क्योंकि इसकी कार्यप्रणाली और  प्रक्रिया ''सबसे अपारदर्शी' है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए जस्टिस  जे चेल्मेशवर ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की पूरी चयन प्रक्रिया पर नाखुशी जताई। जे चेल्मेशवर ने कहा, 'मैंने पत्र लिखकर बता दिया है कि मैं अब कॉलेजियम की मीटिंग में शामिल नहीं होऊंगा। जजों के चयन करने का सिस्टम पारदर्शी नहीं है। कोई तर्क, कोई राय रिकॉर्ड नहीं की जाती। दो लोग नाम तय करते हैं और मीटिंग से आकर 'हां' या 'ना' के लिए पूछते हैं। क्या सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज का चयन इस तरीके से होना चाहिए।'
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जे चेल्मेशवर ने भ्रष्ट व्यक्ति की नियुक्ति पर विचार करने पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने विचार और राय की रिकॉर्डिंग किए जाने पर जोर दिया। चेल्मेशवर ने कहा, 'मुझे अनुभव के आधार पर लगता है कि कॉलेजियम में लोग गुट बना लेते हैं। राय और तर्क रिकॉर्ड किए बिना ही 'चयन'  हो जाता है। बाहर के लोगों को पता ही नहीं चलता कि कॉलेजियम में अदंर क्या चल रहा है। वैसे अंदर के लोगों को भी कुछ खास पता नहीं रहता। दो लोग बैठकर नाम तय कर लेते हैं और बाकी से हां या ना के लिए पूछा जाता है।'
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क्या हम देश के लिए अच्छा कर रहे हैं?

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सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस जे चेल्मेशवर ने कॉलेजियम को लेकर ये सवाल भी उठाए, ' इस तरह की चयन प्रक्रिया के जरिए क्या हम देश के लिए अच्छा कर रहे हैं? क्या चयन मेरिट के आधार पर नहीं होना चाहिए? क्या हो, अगर किसी व्यक्ति के पास किसी के चयन का विरोध करने का सबसे मान्य आधार है? क्या मान्य आधार को बहुमत से या सिर्फ 'हां और ना पूछकर अस्वीकार किया जा सकता है? 

पिछले साल बेहतर विकल्प के लिए जब पांच सदस्यीय संविधान पीठ कॉलेजियम और नेशनल जूडिशल अपॉइन्ट्मेन्ट कमीशन (एनजेएसी) पर सुनवाई कर रही थी तब जे चेल्मेशवर एकमात्र न्यायाधीश थे जिन्होंने कॉलेजियम सिस्टम का विरोध किया और नेशनल जूडिशल अपॉइन्ट्मेन्ट कमीशन का समर्थन किया था।

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