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Kerala: LDF सरकार-राज्यपाल की जंग में कूदे जावड़ेकर, कहा- वाम सरकार का उद्देश्य संवैधानिक अराजकता पैदा करना

Fri, 11 Nov 2022 04:02 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 11 Nov 2022 04:02 PM IST
सार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनराई विजयन सरकार के बीच चल रही जंग और भी तीखी होती जा रही है। हाल ही में वाम पार्टी ने संकेत दिए थे कि राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के चांसलर पद से हटाने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी है। अब पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है।

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Senior BJP leader Prakash Javadekar says Left govt creating Constitutional anarchy
भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : twitter/PrakashJavdekar

विस्तार

केरल की एलडीएफ सरकार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के बीच चल रहे विवाद में अब भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर भी कूद पड़े हैं। उन्होंने शुक्रवार को इस विवाद को लेकर माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि वामपंथी सरकार का उद्देश्य राज्य में में "संवैधानिक अराजकता" पैदा करना है। जावड़ेकर ने यह भी कहा कि केरल में वामपंथी सरकार राज्यपाल के संवैधानिक पद को नीचा दिखाने और बदनाम करने की कोशिश कर रही है। 

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विजयन सरकार को लगाई लताड़
 तिरुवंतपुरम में एक प्रेस कांफ्रेस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने पिनरई विजयन सरकार पर जमकर निशाना साधा। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और उनकी भूमिकाएं, कर्तव्य और शक्तियां संविधान में अच्छी तरह से अंकित हैं, लेकिन सत्तारूढ़ माकपा सब कुछ नकार रही है। ये सरकार संवैधानिक तंत्र को मान्यता देने से इनकार कर रही है। जावेड़कर ने आरोप लगाते हुए कहा कि "राज्यपाल कर्तव्यबद्ध हैं और वह वही कर रहे हैं जो संविधान में प्रावधान करता है। लेकिन, मुझे आश्चर्य है कि मुख्यमंत्री खुद राज्यपाल का नाम ले रहे हैं ... राज्यपाल का इस तरह का अपमान और संवैधानिक पद का अपमान पहले कभी नहीं देखा गया है।"  
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गौरतलब है कि प्रकाश जावड़ेकर भाजपा के केरल के प्रभारी भी हैं। उन्होंने यहां राजभवन के सामने माकपा के बड़े आंदोलन को लेकर भी वाम दल की आलोचना की। उन्गोंने कहा कि माकपा का ये घेरा पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। इस दौरान उन्होंने सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी पर राज्यपाल को धमकी देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि वाम सरकार यूजीसी के नियमों का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यूजीसी को  विश्वविद्यालयों पर कब्जा करने के लिए नहीं बनाया गया है।  
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीपीआई (एम) को विश्वविद्यालयों पर कब्जा करने की आदत है। युवाओं के बीच भ्रांतियां फैलाना और देश के युवाओं को नशा देना ही उनका काम है। सीपीआईएम ने जेएनयू, डीयू और अन्य विश्वविद्यालयों में  यही किया अब वे केरल में भी ऐसा करना चाहते हैं। जावड़ेकर ने कहा कि लोग इसका करारा जवाब देंगे।  

इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री ने तिरुवनंतपुरम के मेयर आर्य राजेंद्रन द्वारा माकपा जिला सचिव को कथित रूप से लिखे गए विवादास्पद पत्र को लेकर भी विजयन सरकार और मार्क्सवादी पार्टी पर हमला किया।इस पत्र में वाम शासित निगम में अस्थायी पदों पर नियुक्त किए जाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं की प्राथमिकता सूची मांगी गई थी। भाजपा नेता ने आगे आरोप लगाया कि पत्र ने माकपा के केवल अपने कार्यकर्ताओं को सरकारी रोजगार देने की उसकी मंशा का पर्दाफाश किया है। जिससे दक्षिणी राज्य के 43 लाख बेरोजगार युवाओं को उचित अवसर से वंचित किया गया।


राज्यपाल के विरोध में केरल सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी में केरल सरकार
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनराई विजयन सरकार के बीच चल रही जंग और भी तीखी होती जा रही है। हाल ही में वाम पार्टी ने संकेत दिए थे कि राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के चांसलर पद से हटाने के लिए केरल सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी में है। हालांकि, इस अध्यादेश से पहले राज्य सरकार विशेषज्ञों से सलाह लेगी। जानकारी के मुताबिक, राज्य कैबिनेट विश्ववद्यालयों के चांसलर पद से राज्यपाल को हटाने के बाद उनकी जगह किसी विशेषज्ञ को नियुक्त करने पर विचार कर रही है। बता दें, इससे पहले ऐसा ही मामला पश्चिम बंगाल में सामने आया था, जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ के खिलाफ ममता सरकार ऐसा ही अध्यादेश लाने वाली थी। 

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