यूपी में ट्रेन के आगे सेल्फी लेने पर होगी जेल
उत्तर प्रदेश में हों तो ट्रेन के आगे सेल्फी लेने की कोशिश ना करें, ये हरकत आपको जेल की हवा खिला सकती है। जीआरपी के आगरा मंडल के सभी स्टेशन प्रभारियों को आदेश दिया गया है कि अगर कोई व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के करीब, चलती ट्रेन में गेट पर या रेलवे ट्रैक पर सेल्फी लेता दिखे तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करें।
आदेश में कहा गया है कि ऐसी हरकतों से न केवल उस व्यक्ति के जीवन को खतरा पैदा होता है, बल्कि दूसरों का जीवन भी खतरे में पड़ता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में जीआरपी आगरा मंडल के पुलिस अधिक्षक राजकुमार गौतम ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति हाईस्पीड ट्रेन या रेलवे ट्रैक के आसपास सेल्फी लेता पाया गया तो उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा चलाया जाएगा। दूसरों की जिंदगी खतरे में डालने के चलते उसे जेल भी हो सकती है।
पकड़े जाने पर छह महीने तक हो सकती है जेल
उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मिर्जापुर और सहारनपुर में सेल्फी लेते हुए तीन युवकों की मौत हो गई थी। मिर्जापुर में मेले से लौट रहे दो युवक, जिनकी उम्र 18 और 20 साल थी, रेलवे ट्रैक के नजदीक सेल्फी ले रहे थे, जबकि उसी समय नई दिल्ली-डिब्रुगढ़ ब्रह्मपुत्र मेल आ रही थी। वे दोनों ट्रेन से कुचले गए। उसी ट्रेन से 45 साल का एक यात्री भी कुचल गया जो उन दोनों युवकों को सेल्फी लेते हुए देख रहा था।
गौतम ने बताया कि सहारनपुर में क्लास 10वीं का एक छात्र मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर सेल्फी लेते हुए ट्रेन से कुचला गया। रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सेल्फी लेते हुए पकड़े जाने पर आरोपियों पर आईपीसी की धारा 307 या रेलवे कानून के अनुच्छेद 145 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
रेलवे कानून के अनुच्छेद 145 के तहत किसी भी व्यक्ति को रेलवे की सुविधाओं में हस्तक्षेप करने या किसी भी यात्री की सुविधा में खलल डालने पर मुकदमा चलाया जा सकता है और उसे छह महीने जेल हो सकती है।