फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sedition law Major General Wombatkere challenged section 124A says everyone knows the reality

राजद्रोह कानून: धारा 124ए को मेजर जनरल वोम्बटकेरे ने दी चुनौती, बोले- हर कोई जानता है हकीकत

Fri, 16 Jul 2021 10:27 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Fri, 16 Jul 2021 10:27 PM IST
सार

सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, ‘हर कोई जानता है कि क्या हो रहा है। मैं कैसा महसूस कर रहा हूं यह महत्वपूर्ण नहीं है। लोग कैसा महसूस कर रहे हैं, यह महत्वपूर्ण है।’

विज्ञापन
Sedition law Major General Wombatkere challenged section 124A says everyone knows the reality
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उच्चतम न्यायालय में भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (राजद्रोह) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले सेवानिवृत्त मेजर जनरल एस. जी. वोम्बटकेरे ने शुक्रवार को कहा कि हर कोई जानता है कि औपनिवेशिक कानून का किस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है।

विज्ञापन


सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि क्या हो रहा है। मैं कैसा महसूस कर रहा हूं यह महत्वपूर्ण नहीं है। लोग कैसा महसूस कर रहे हैं, यह महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा कि पत्रकारों को बेहतर जानकारी होती है कि राजद्रोह कानून के बारे में लोग क्या महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में अन्य लोगों की तरह वह भी खुश हैं, लेकिन मामले के बारे में ज्यादा बात करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है।
विज्ञापन


राजद्रोह के संबंध में औपनिवेशिक काल के कानून के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन को कुचलने के लिए महात्मा गांधी जैसे लोगों को चुप कराने में ब्रिटेन द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कानून को वह खत्म क्यों नहीं करता? उच्चतम न्यायालय बृहस्पतिवार को एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया तथा वोम्बटकेरे की याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया था, जिन्होंने कानून की संवैधानिकता को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य चिंता कानून के दुरुपयोग को लेकर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि वोम्बटकेरे मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर के साथ उन्होंने नर्मदा आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। भारतीय सेना के जनसूचना के अतिरिक्त महानिदेशक के आधिकारिक फेसबुक पेज के मुताबिक खार्दुंगला दर्रे में 1982 में दुनिया के सबसे ऊंचे पुल का डिजाइन तैयार करने और उसका निर्माण करने के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed