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रामवृक्ष को लेकर बेहद खतरनाक खुलासा, पुलिस की नींद उड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
Updated Fri, 01 Jul 2016 08:44 AM IST
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रामवृक्ष के सुरक्षा कमांडर वीरेश यादव की ओर से किए गए खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। वीरेश ने पुलिस को बताया है कि कब्जाधारियों में से कुछ लोगों का गुट, जिसे रामवृक्ष ‘पागल सेना’ कहता था, इनमें से कुछ तो हमेशा हथगोले, बम लेकर घूमते थे।
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कहा तो यहां तक जाता है कि कुछ ऐसे भी थे जो इन बमों की माला बनाकर गले में डाल लेते। ये लोग काफी हिंसक थे। अब पुलिस को इन लोगों के अन्य जगहों पर वारदात करने की आशंका है। ऐसे में प्रदेश भर में इन लोगों की तलाश कराई जाएगी।
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रामवृक्ष ने इस पागल सेना में उन 50 लोगों को शामिल किया था, जो उसके एक इशारे पर अपनी जान दे दें और किसी की जान ले लें। इनमें महिलाएं भी बताई जा रही हैं। इनमें बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड और उत्तर प्रदेश के जनपदों के भी लोग हैं। अगर वीरेश की मानें तो इन सभी को ट्रेनिंग दी जाती थी। चलते फिरते बम बन गए थे यह लोग।
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लेकिन इन लोगों को तलाशना पुलिस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द होगा। क्योंकि वीरेश भी इनके बारे में कोई ऐसी अहम जानकारी नहीं दे सका है, जिससे इन्हें गिरफ्तार करने में मदद मिले। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रामवृक्ष के बेटे की गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि वीरेश से जो भी जानकारियां मिली हैं उनके आधार पर जांच की जा रही है। जिन लोगों के नाम बताएं हैं उनसे पूछताछ की जाएगी।
आखिर कौन है मध्यप्रदेश की यह गुड़िया
अभी तक पुलिस मान रही थी कि गुड़िया रामवृक्ष की बेटी है। क्योंकि रामवृक्ष के शव की मांग भी अधिवक्ता के माध्यम से उसने ही की थी। अब वीरेश ने बताया कि गुड़िया रामवृक्ष की मूंहबोली बेटी है। वह मध्यप्रदेश की रहने वाली है। अब पुलिस गुड़िया की तलाश में है। हो सकता है कि वह इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और राज खोल दे। पुलिस अफसरों का कहना है कि वीरेश यादव को रिमांड पर लेकर अभी और पूछताछ की जाएगी।
पुलिस का रिहर्सल देख तैयारियां कर रहा था रामवृक्ष भी
पुलिस जवाहर बाग को खाली कराने के लिए रिहर्सल कर रही थी। उसी के अनुसार रामवृक्ष भी मुकाबले की तैयारियां कर रहा था। जवाहर बाग में जो चौकियां बनाई गई थीं वहां लोगों की संख्या बढ़ा दी गई थी। गोला-बारूद जुटाया जा रहा था। असलहे इकट्ठे हो रहे थे। चंदन बोस ने असलहे इकट्ठे किए थे। जिन कब्जाधारियों के पास लाइसेंसी असलहे थे, वह भी अपने असलहे गृह जनपदों से ले आए थे।
पुलिस का रिहर्सल देख तैयारियां कर रहा था रामवृक्ष भी
पुलिस जवाहर बाग को खाली कराने के लिए रिहर्सल कर रही थी। उसी के अनुसार रामवृक्ष भी मुकाबले की तैयारियां कर रहा था। जवाहर बाग में जो चौकियां बनाई गई थीं वहां लोगों की संख्या बढ़ा दी गई थी। गोला-बारूद जुटाया जा रहा था। असलहे इकट्ठे हो रहे थे। चंदन बोस ने असलहे इकट्ठे किए थे। जिन कब्जाधारियों के पास लाइसेंसी असलहे थे, वह भी अपने असलहे गृह जनपदों से ले आए थे।