हैदराबाद: पुलिस से मारपीट करने के आरोप में वाईएस शर्मिला गिरफ्तार, 14 दिन की हिरासत में भेजी गईं
पेपर लीक मामले में हैदराबाद पुलिस ने पिछले महीने तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TSPSC) के दो कर्मियों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। कथित रूप से TSPSC के सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र को लीक करने में शामिल थे।
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यह है पूरा मामला
वाईएसआर तेलंगाना पार्टी की प्रमुख शर्मिला सोमवार को टीएसपीएससी पेपर लीक मामले में एसआईटी ऑफिस जा रही थीं। इस दौरान तेलंगाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने की वजह से शर्मिला ने पुलिस का विरोध किया। इस वजह से उनके और पुलिस के बीच में झड़प हो गई, जो धक्का मुक्की में बदल गई। इसके बाद तेलंगाना पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस थाने लेकर आई।
#WATCH | YSRTP Chief YS Sharmila manhandles police personnel as she is being detained to prevent her from visiting SIT office over the TSPSC question paper leak case, in Hyderabad pic.twitter.com/StkI7AXkUJ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 24, 2023
पेपर लीक मामले में भाजपा नेता पर को भी पूछताछ के लिए बुलाया
पेपर लीक मामले की जांच कर रहे तेलंगाना पुलिस के विशेष जांच दल ने राज्य के भाजपा प्रमुख बंदी संजय को पूछताछ के लिए 26 मार्च को पेश होने के लिए शनिवार को तलब किया था। संजय ने समन पर कहा था कि एसआईटी में पेपर लीक मामले में बीआरएस नेताओं को नोटिस जारी करने का साहस नहीं था। एसआईटी अधिकारी 25 मार्च को टीएसपीएससी लीक मामले में संजय को नोटिस देने के लिए हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित उनके आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान संजय को उनके दावे से संबंधित सवालों का जवाब देना था। संजय ने कुछ दिनों पहले कहा था कि जगतियाल जिले से आने वाले 50 लोग टीएसपीएससी में योग्य हैं।
पेपर लीक में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया
मामले में हैदराबाद पुलिस ने पिछले महीने तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TSPSC) के दो कर्मियों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। कथित रूप से TSPSC के सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र को लीक करने में शामिल थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चार हार्ड ड्राइव, तीन लैपटॉप और आठ मोबाइल फोन बरामद किए थे।
डीसीपी दक्षिण-पश्चिम किरण खरे ने बताया था कि उन्होंने प्रश्न पत्र को कंप्यूटर से एक पेन-ड्राइव में स्थानांतरित कर रेणुका और उनके पति ढाक्या को सौंपा था। जिन्होंने उन्हें दो मार्च को शुरू में पांच लाख रुपए और छह मार्च को पांच लाख रुपए का भुगतान किया था।